गुजरातराजनीति

आप’ विधायक की जमानत याचिका खारिज, भेजे गए जेल, केजरीवाल ने BJP पर निशाना साधा।

भाजपा बौखला गई है : केजरीवाल।

अहमदाबाद : गुजरात के नर्मदा जिले में डेडियापाडा तालुका पंचायत अध्यक्ष संजय वसावा पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वसावा को रविवार को अदालत में पेश किया गया. नर्मदा पुलिस ने वसावा की 5 दिन की रिमांड की मांग की, लेकिन जिला सत्र न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया. साथ ही अदालत ने वसावा की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी और उन्हें न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

वहीं, बड़ी संख्या में वसावा के समर्थक कोर्ट परिसर में पहुंच आए और हंगामा किया. कोर्ट के बाहर समर्थकों की पुलिस से झड़प भी हुई और भारी तनाव को देखते डेडियापाडा के एसडीएम और डिप्टी एसपी ने डेडियापाडा में धारा 144 लागू कर दी. तनाव की स्थिति को देखते हुए चैतर वसावा को राजपीपला जेल से वडोदरा जेल ले जाया गया है।

चैतर वसावा के वकील सुरेशभाई जोशी ने कहा, “पुलिस ने 5 दिन की रिमांड के लिए आवेदन किया था. हमने तर्क दिया कि इस मामले में रिमांड की कोई जरूरत नहीं है. यह राजनीतिक प्रतिशोध को ध्यान में रखकर किया गया आवेदन है. अदालत ने तर्क स्वीकार करते हुए पुलिस की 05 दिन की रिमांड की अर्जी खारिज कर दी. उसके बाद हमारी ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई. पुलिस ने जानबूझकर एफआईआर में धारा 307 के अलावा एक नई धारा 109 जोड़ी है, जिसमें 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है. हमने उस धारा को भी रद्द करवा दिया है. उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. हमें सत्र न्यायालय से जमानत लेनी होगी।

विसावदर सीट से विधायक और आप नेता गोपाल इटालिया ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि पुलिस ने 14 बिंदुओं के आधार पर 5 दिन की रिमांड के लिए आवेदन किया था. मैंने इस आवेदन को पढ़ा है. शिकायतकर्ता ने आवेदन में जो पूरी घटना लिखी है, वह घटित नहीं हुई. बैठक में सामान्य चर्चा होती है, जिसमें मारपीट होती है. शिकायतकर्ता के अनुसार गाली-गलौज होती है. शिकायतकर्ता के अनुसार प्रांतीय अधिकारी की मेज पर पानी का गिलास पड़ा था, जिसे उन्होंने उठाकर मारा, लेकिन वह शिकायतकर्ता को लगा ही नहीं. अब अगर हम इस घटना को सच मान लें तो जान से मारने की धमकी कहां से आई? गिलास फेंका गया लेकिन किसी को नहीं लगा, तो इसमें किसी व्यक्ति के मरने की संभावना कहां थी?

आप नेता गोपाल इटालिया इस मामले में भाजपा पर निशाना साधा. उनका कहना है कि भाजपा के इशारे यह सब हो रहा है, और चैतर वसावा को द्वेषभाव से परेशान किया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विधायक चैतर वसावा की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विसावदर में AAP से हारने के बाद भाजपा ‘क्रोधित’ थी, इसलिए चैतर वसावा को गिरफ्तार किया गया. हाल ही में हुए उपचुनाव में AAP के उम्मीदवार गोपाल इटालिया ने जीत हासिल की थी।

केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “गुजरात में आप विधायक चैतर वसावा को भाजपा ने गिरफ्तार कर लिया है. विसावदर उपचुनाव में AAP से हारने के बाद भाजपा बौखला गई है. अगर उन्हें लगता है कि ऐसी गिरफ्तारियों से आप डर जाएगी तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल है. गुजरात की जनता अब भाजपा के कुशासन, भाजपा की गुंडागर्दी और तानाशाही से तंग आ चुकी है. अब गुजरात की जनता भाजपा को जवाब देगी।

नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चैतर वसावा को शनिवार देर रात को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि वसावा ने डेडियापाडा तालुका पंचायत अध्यक्ष संजय वसावा पर कथित तौर पर हमला किया था. यह घटना शनिवार को डेडियापाडा के अंतर्गत एक कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान हुई।

डेडियापाडा थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, बैठक के दौरान वसावा ने स्थानीय स्तर की समन्वय समिति ‘आपणो तालुको वाइब्रेंट तालुको’ (एटीवीटी) के सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए अपने नामित व्यक्ति पर विचार नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई और आक्रोशित हो गए. इस दौरान वसावा ने कथित तौर पर सागबारा तालुका पंचायत की एक महिला अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया।

संजय वसावा की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जब बैठक में शामिल डेडियापाडा तालुका पंचायत अध्यक्ष संजय वसावा ने आपत्ति जताई तो विधायक ने कथित तौर पर उन पर मोबाइल फोन फेंककर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर चोटें आईं. एफआईआर के अनुसार, विधायक ने संजय वसावा पर कांच से हमला करने की भी कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया. बाद में आप विधायक ने टूटे शीशे के टुकड़े उठाकर संजय वसावा की ओर बढ़े और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधायक ने कार्यालय में रखी एक कुर्सी को क्षतिग्रस्त कर दिया. डेडियापाडा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 79 (शब्दों, इशारों के माध्यम से किसी महिला का अपमान करना), 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी), 352 (जानबूझकर अपमान) और 324 (3) (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

वहीं, चैतर वसावा की गिरफ्तारी के बाद डेडियापाडा में तनाव बढ़ने पर स्थानीय प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में एक स्थान पर चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया।

चैतर वसावा की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि जब से भाजपा वासावदर उपचुनाव हारी है, वे सदमे में हैं. लोग भाजपा से नाराज हैं और बड़ी संख्या में हमारे साथ जुड़ रहे हैं. इसी डर की वजह से भाजपा आदिवासी नेताओं को निशाना बना रही है।

उन्होंने कहा कि हमारे विधायक चैतर वसावा को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया. उन्होंने आदिवासी इलाकों में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी, जहां भाजपा के मंत्री ने कथित तौर पर गरीबों को 100 दिन के रोजगार के लिए हजारों करोड़ रुपये का गबन किया।

गढ़वी ने कहा कि भाजपा के दबाव में पुलिस ने वसावा को गिरफ्तार किया. उनके परिवार को देर रात उनसे मिलने नहीं दिया गया. भाजपा एक मजबूत आदिवासी नेता के रूप में उभरे चैतर वसावा को दबाने की कोशिश कर रही है. हमारी टीम कानूनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गई है और गिरफ्तारी को असंवैधानिक मानते हुए कानूनी दृष्टिकोण से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में भाजपा की तानाशाही का कानूनी तरीके से और सड़क पर विरोध किया जाएगा।

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