
एग्जाम को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है. पिछले पेपर लीक विवाद के बाद सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती. यही वजह है कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और ढुलाई की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि देश के कई हिस्सों में प्रश्नपत्र हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंचाए जाएंगे ताकि पेपर लीक, छेड़छाड़ या परिवहन में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है जिसमें लाखों छात्र शामिल होते हैं. इस साल परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द करनी पड़ी थी जिसके बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे. अब री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सुरक्षा के कई नए इंतजाम किए हैं. इनमें सबसे बड़ा कदम भारतीय वायुसेना को प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई की जिम्मेदारी देना माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय वायुसेना प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ढंग से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए Mi-17 हेलिकॉप्टरों और अन्य एयर एसेट्स का इस्तेमाल करेगी. खासतौर पर उन इलाकों में जहां सड़क मार्ग से पहुंचने में ज्यादा समय लगता है या सुरक्षा संबंधी चुनौतियां रहती हैं वहां हेलिकॉप्टर के जरिए प्रश्नपत्र भेजे जाएंगे. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रश्नपत्र समय पर और पूरी गोपनीयता के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचें।


