

देहरादून : इन्दिरा मार्केट पुनर्विकास योजना के ठप्प होने के विरोध में प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने आज मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) मुख्यालय पहुँचकर उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने योजना को तत्काल पुनः प्रारंभ करने एवं प्रभावितों को अंतरिम राहत देने की मांग की।
लगभग 0.5 किलोमीटर लंबे इस बाजार का पुनर्विकास 2016 में अनिवार्य किया गया था, लेकिन करीब एक दशक बाद भी काम अधूरा है। वर्तमान में प्रस्तावित कुल लागत लगभग 450 करोड़ रुपये है, जबकि पीपीपी मॉडल के तहत वित्तीय संकट एवं डीपीआर में तकनीकी आपत्तियों के चलते पिछले डेढ़ माह से निर्माण ठप्प है। प्रभावितों के अनुसार परियोजना स्थल लगभग बियाबान पड़ा है, जिससे करीब 655 दुकानदारों व उनके परिवारों की आजीविका ठप हो गई है।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गईं:
1. योजना पुनः शुरू करने हेतु आवश्यक धनराशि जारी की जाए।
2. प्रभावितों को तुरंत अंतरिम राहत एवं वैकल्पिक रोजगार/स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
3. MDDA कार्यदायी संस्था को पूर्व-स्वीकृत नक्शे के अनुरूप कार्य करने की अनुमति दी जाए।
4. जिला प्रशासन स्तर से नियमित मॉनिटरिंग कर समय-सीमा में योजना पूर्ण कराई जाए।
गौरतलब है कि 31 मार्च एवं 2 अप्रैल 2026 को प्रभावितों ने जिलाधिकारी एवं आवास सचिव को भी ज्ञापन दिया था। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने MDDA को एक सप्ताह के भीतर बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। स्थानीय विधायक खजानदास एवं पूर्व विधायक राजकुमार ने भी कार्य में सुस्ती पर नाराजगी जताई है।
प्रभावित व्यापारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन तीव्र किया जाएगा, उपाध्यक्ष की ओर से परियोजना इन्चार्ज अधिशासी अभियन्ता सुनील कुमार ने प्रभावितों से वार्ता की तथा उन्होंने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया
इस दौरान अध्यक्ष दिनेश सती, सीपीएम देहरादून सचिव अनन्त आकाश, यूनियन उपाध्यक्ष अशोक सचदेवा, कुलबीर पाहुजा मेहरबान, धर्मेंद्र कुमार मुमताज़, अनिलकुमार, विजयकुमार श्रीवास्तव, इमरान सहित आदि लोग मौजूद थे।


