
देहरादून : यूं तो देहरादून मे निजी स्कूलों के अनेको कारनामे होते हैं मगर देहरादून के सुंदरवाला स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल ने तो नया ही कारनामा कर डाला एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को लिखित शिकायत पत्र मेल द्वारा भेज है जिसमे मांग करते हुए लिखा है सीबीएसई से बिना स्कूल की मान्यता लिए ही रक्षा अनुसंधान विद्यालय (RAV) की मान्यता पर सुन्दरवाला मे स्कूल संचालित करने लगा वो भी अभिभावकों व पूर्व शिक्षकों को बिना सूचना दिए ज्ञात हो कि सुन्दरवाला स्थित डीआरडीओ ने डीएवी पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट के साथ दिनांक 20 अप्रेल 2026 को आपसी अनुबंध के आधार पर अपने द्वारा संचालित रक्षा अनुसंधान विद्यालय (RAV) को डीएवी पब्लिक मैनेजमेंट को सौंप दिया था और वर्षो से शिक्षा दे रहे रेगुलर शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने नही दिया, स्कूल से निकाल दिया और स्कूल में घुसने नही दिया गया।
जिसका पता चलने पर अभिभावकों मे आक्रोश उत्पन्न हुआ और उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि नियमानुसार हमे एक वर्ष पहले इसकी सूचना देनी चाहिए थी जिसके बाद डीआरडीओ,डीएवी पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट व अभिभावकों मे कई दौर की वार्ता हुई मगर कोई हल ना निकलने पर नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (एनएपीएसआर) द्वारा जिलाधिकारी देहरादून व मुख्य शिक्षाधिकारी देहरादून को बच्चों की शिक्षा के सुरक्षा के सम्बंध मे एक शिकायती पत्र दिया गया था जिसके फलस्वरूप डीएवी पब्लिक मेनेजमेंट की ओर से आयी रीजनल अधिकारी डॉ०अल्पना शर्मा ने अभिभावकों की तेईस मांगो को मानने का मौखिक आश्वासन दिया और स्कूल को बिना पूर्व सूचना के दिनांक 07 मई 2026 को ग्रीष्मकालीन अवकाश कहकर बन्द कर दिया गया ।
एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान द्वारा स्कूल प्रबंधन से कई बार सम्पर्क करने पर कोई उचित आश्वाशन नही मिलने पर एनएपीएसआर द्वारा अभिभावकों की ओर से एक मांग पत्र प्रिंसिपल डीएवी पब्लिक स्कूल के नाम दिनांक 12 जून 2026 को स्कूल प्रबंधन द्वारा दिये गए मौखिक आश्वाशन को लिखित रूप से एक सप्ताह मे देने की मे मांग की गई जिसको स्कूल प्रधानाचार्य द्वारा अपने रीजनल अधिकारी डॉ०अल्पना शर्मा के पास समय ना होने की असमर्थता जताते हुए बाद मे लिखित जवाब देने के लिए कुछ समय मांगा गया किन्तु 18 दिन बाद भी स्कूल पत्र का कोई जवाब नही दिया जिस पर दिनांक 30 जून 2026 को पुनः एक रिमाइंडर पत्र स्कूल प्रधानचार्य को दिया गया किन्तु इस बार भी अपने आला अधिकारियों की व्यस्तता का बहाना बनाते हुए उसका जवाब भी स्कूल ने नही दिया और स्कूल के इस गैरजिम्मेदाराना और अभिभावकों को नजर अंदाज करते हुए अपनी मनमानी करने के विरोध मे लगभग 20 अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल दिनांक 05 जुलाई 2026 को स्कूल प्रधानचार्य रजत डुसेजा से मिला और स्कूल मांग पत्र की सहमति को लिखित मे देने को कहा गया तो उन्होंने यह कहते हुए कुछ भी लिखित मे देने से इनकार कर दिया कि हम सिर्फ मौखिक आश्वाशन दे सकते हैं लिखित मे हम कुछ नही देंगे इस पर जब अभिभावकों ने पूछा कि आपकी रिजलन अधिकारी ने तो हमे मौखिक आश्वाशन देते हुए कहा था की आप हमे अपनी मांगे लिखित मे देकर स्कूल से रिसीविंग ले लेना ताकि हम भी आपको लिखित मे ही आपकी मांगो को पूरी करने का पत्र जारी कर सकें किन्तु अब आप अपने वादे से मुकर रहे हैं तो इस पर स्कूल प्रधानचार्य का जवाब था कि उस वक्त यदि झूठा आश्वाशन नही देते तो हम कभी स्कूल संचालित नही कर पाते इस पर प्रतिनिधिमंडल द्वारा जब फीस को लेकर पूछा गया तो उन्होंने मई से फीस जमा करने को कहा गया जिस पर अभिभावकों द्वारा खेद जताते हुए कहा गया कि आपने स्कूल 22 जून से शुरू किया है तो आपको हम नियमानुसार फीस एक माह बाद जुलाई को ही देंगे यदि स्कूल पूर्व की भांति संचालित होता तो हमे मई जून की फीस देने मे कोई आपत्ति नही थी , जिस पर प्रिंसिपल ने सहमति जताते हुए अपने अधीनस्थ कर्मचारी को नोट करने के लिए कहा गया और स्कूल मान्यता की जानकारी मांगने पर भी प्रधानचार्य द्वारा प्रतिनिधिमंडल को गुमराह करते हुए कहा कि स्कूल की मान्यता की फाइल सीबीएसई कार्यालय मे गयी हुई है और एक सप्ताह के भीतर मान्यता मिल जाएगी ।
किन्तु आज दिनांक 25 जुलाई 2026 को सीबीएसई कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएवी पब्लिक स्कूल की सिर्फ एक शाखा जो कि डिफेन्स कॉलोनी देहरादून मे संचालित हो रही को ही मान्यता मिली हुई है और एक मान्यता पर दो स्कूल संचालित नही किये जा सकते यानी कि आजतक सीबीएसई की मान्यता के बिना ही रक्षा अनुसंधान विद्यालय की मान्यता पर 22 जून से बिना अभिभावकों को पूर्व सूचना दिए डीएवी पब्लिक स्कूल सुन्दरवाला को संचालित किया जा रहा है जबकि रक्षा अनुसंधान विद्यालय(RAV) की मान्यता भी 2027 तक ही है । और अब अपनी बात से मुकरते हुए स्कूल द्वारा अभिभावकों पर मई से फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है जिस पर अभिभावक अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं अभिभावकों का कहना है कि यदि स्कूल पूर्व से संचालित हो रहा होता तो हमे मई और जून की फीस देने मे कोई आपत्ति नही थी किन्तु डीएवी पब्लिक स्कूल ने 22 जून से स्कूल खोल है तो मई और जून की फीस देने का औचित्य ही नही बनता जबकि इन्ही के कारण अप्रैल मे हमारे बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है।
स्कूल के इस रवैये से अभिभावकों को अब अपने बच्चों के भविष्य की चिंता अभिभावकों को सताने लगी है, अभिभावकों की पीड़ा और बच्चों के भविष्य को समझते हुए क्रप्या इस पत्र का संज्ञान लेते हुए क्रप्या शीघ्र अति शीघ्र नियमविरुद्ध संचालित हो रहे स्कूल पर नियमानुसार कार्यवाही करने की कृपा करें ।



