हिमांचल

तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में गई आदित्य शर्मा की जान, सदमे में डूबा परिवार।

हमीरपुर : बेहतर भविष्य का सपना लेकर मर्चेंट नेवी में कदम रखने वाले हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नाविक आदित्य शर्मा की ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान मौत हो गई है. इस खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. गलोड़ क्षेत्र के हड़ेटा गांव निवासी 23 वर्षीय आदित्य शर्मा ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर डेक कैडेट के रूप में तैनात थे. आदित्य अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।

जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में ओमान तट के पास इस तेल टैंकर को निशाना बनाया गया. हादसे के समय जहाज पर 24 लोग मौजूद थे, जिनमें से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन आदित्य समेत कुछ अन्य नाविकों की इस हमले में मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही हड़ेटा गांव में मातम पसर गया. पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और रिश्तेदार व ग्रामीण लगातार उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे है।

परिजनों ने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से उन्हें सूचित किया गया कि तेल टैंकर पर हुए हमले में उनके बेटे की मौत हो गई है. आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने सरकार से मांग की है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके. उन्होंने घटना की पूरी जांच की मांग भी उठाई है. परिवार का कहना है कि उन्हें यह जानकारी मिलनी चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ और आदित्य की जान कैसे गई।

आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल ने कहा कि परिवार के लिए यह बेहद बड़ा सदमा है. उन्होंने बताया कि आदित्य जल्द घर लौटने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद खबर आ गई. उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर से आग्रह किया है कि आदित्य का पार्थिव शरीर जल्द गांव पहुंचाया जाए. वहीं परिवार के अन्य सदस्यों ने भी केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।

आदित्य शर्मा ने हाल ही में मर्चेंट नेवी में अपना करियर शुरू किया था. परिवार को उम्मीद थी कि उनका बेटा आगे बढ़कर घर का सहारा बनेगा, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. आदित्य की मौत से गांव में हर आंख नम है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आदित्य शर्मा के निधन पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं. वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी परिवार से बात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का भरोसा दिया।

फिलहाल हड़ेटा गांव में शोक का माहौल है. लोग आदित्य के घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं. एक युवा बेटे की अचानक मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है. परिवार और ग्रामीण अब आदित्य के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे है।

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