नई दिल्ली

गांधी परिवार ने 2000 करोड़ की संपत्ति सिर्फ 50 लाख में ली, कोर्ट में ED का बड़ा दावा।

नई दिल्ली : दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में आज की सुनवाई पूरी कर ली है. ईडी ने कोर्ट को बताया सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दो हजार करोड़ की संपत्ति के लिए मात्र 50 लाख रुपये ही दिए।

शल जज विशाल गोगने कल यानि 3 जुलाई को भी सुनवाई जारी रखेंगे. आज सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से एएसजी एसवी राजू ने कहा कि एसोसिएटेड जनरल्स लिमिटेड का स्वामित्व लेने के बाद गांधी परिवार के नियंत्रण वाली यंग इंडियन लिमिटेड नेल घोषणा की कि वो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि एसोसिएटेड जनरल्स लिमिटेड की संपत्तियां दिल्ली के अलावा लखनऊ, भोपाल, इंदौर, पंचकूला,पटना और देश के दूसरे स्थानों पर स्थित हैं. देश भर की ये संपत्तियां 1947 के बाद केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों ने एसोसिएटेड जनरल्स को दी थी।

उन्होंने कहा कि एसोसिएटेड जनरल्स की संपत्तियां यंग इंडियन को पैसे बनाने के लिए हस्तांतरित की गई थीं. ईडी ने 21 मई को कहा था कि इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने अपराध से 142 करोड़ रुपया कमाया।

ED ने कहा था कि गांधी परिवार पर अपराध से प्राप्त धन को अपने पास रखने और उसे वैध बनाने का आरोप है. ED ने कहा था कि प्रथम दृष्टया सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ मनी लाऊंड्रिंग का मामला बनता है. उन्होंने कहा था कि ईडी ने नवंबर 2023 में नेशनल हेराल्ड की 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया था.

ईडी ने कहा था कि यंग इंडिया कंपनी का लाभकारी स्वामित्व हमेशा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास रहा. बता दें कि 2 मई को कोर्ट ने इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को नोटिस जारी किया था. ईडी ने 15 अप्रैल को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।

ईडी ने इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सैम पित्रोदा को आरोपी बनाया है. ईडी ने मनी लाऊंड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दाखिल की है। ईडी की ओर से पेश वकील एनके माटा ने कहा था कि इस मामले में 2019 में सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता की धारा 403, 406 और 420 के तहत एफआईआर दर्ज किया था।

इस मामले में शिकायतकर्ता सुब्रह्ण्यम स्वामी का आरोप है कि दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 16 सौ करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया. स्वामी का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी थी, इस लिहाज से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. जबकि गांधी परिवार ने दलील दी थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष याचिका लगाई गई है।

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