उत्तर प्रदेश

20 दिनों में 35 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी।

गंगा पर बने 18 पांटून पुलों पर शुरू हुआ आवागमन।

प्रयागराज। महाकुंभ में गंगा पर बने 30 पांटून पुलों में आवागमन के लिए 18 को खोला गया है। अरैल से झूंसी जाने के लिए पांटून पुल संख्या 28 खुला है। संगम से झूंसी जाने के लिए पुल संख्या दो, चार व आठ पर संचालन हो रहा है।इसी तरह दारागंज व नागवासुकि मंदिर के आसपास से झूंसी की ओर जाने के लिए पुल संख्या 11, 13, 15, 17, 20, 22, 23 व 25 खुले हैं। झूंसी से संगम, दारागंज व शहर की ओर जाने के लिए पुल संख्या 16, 18, 21 व 24 खोले गए हैं। झूंसी से अरैल जाने के लिए पुल संख्या 27 और 29 पर आवागमन हो रहा है। कुछ पुलों को आपात के लिए सुरक्षित रखा गया है।

दिव्य-भव्य व नव्य महाकुंभ में 20 दिनों के दौरान लगभग 34 करोड़ 90 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। अमृत स्नान पर्व वसंत पंचमी पर लगभग पांच करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान मेला प्रशासन ने लगाया है।मेला प्रशासन ने दावा किया कि वसंत पंचमी के ठीक पहले रविवार को लगभग एक करोड़ 29 लाख श्रद्धालुओं ने पावन संगम में डुबकी लगाई। अब तक मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर सबसे ज्यादा लगभग आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है।

वसंत पंचमी पर नहीं होगी मौनी अमावस्या जैसी चूक। भीड़ प्रबंधन के लिए योजना बनाई गई है मजबूत। पिछले मुख्य स्नान पर्व पर हुई भगदड़ ने महाकुंभ मेले की छवि पर काफी असर डाला ऐसे में पुलिस अधिकारियों ने तैयारियों की फिर से समीक्षा की। इसके बाद सड़क से लेकर संगम तट तक भौगोलिक स्थिति को बारीकी से समझा।मौनी अमावस्या पर हुई चूक की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कई स्तरीय आपातकालीन योजना बनाई गई। यह भी तय किया गया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को मेला क्षेत्र में ज्यादा देर तक रुकने नहीं देना है। स्नान घाट को भी लगातार खाली कराया जाता रहेगा।

इसके लिए बैरिकेडिंग करने, साइनेज लगाने, पुलिस बल को बढ़ाने सहित कई उपाय किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढंग से स्नान करवाकर उनके गंतव्य तक सकुशल पहुंचाया जा सके। महाकुंभ पुलिस और कमिश्नरेट प्रयागराज के साथ ही रेंज व जोन के पुलिस के बीच भी लगातार समन्वय स्थापित करते हुए भीड़ और यातायात प्रबंधन को कुशल बनाने पर भी जोर दिया गया है।

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