उत्तराखंडदेहरादून

पीएसीएल निवेशकों ने जिला मुख्यालय पर किया प्रदर्शन।

2014 से रुके पीएसीएल निवेशकों का भुगतान करने की मांग।

देहरादून : आज आल इण्डिया इन्वेस्टर आर्गनाइजेशन के वैनर के तहत पीएसीएल इन्वेस्टरों ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी के माध्यम से सेवी अध्यक्ष को ज्ञापन प्रेषित किया ।ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने लिया ।

आल इन्वेस्टर सेफ्टी और्गनाइजेशन (AISO ) पी ए सी एल के निवेशकों द्वारा गठित राष्ट्रीय पंजीकृत संगठन है जो पी ए सी एल कंपनी में निवेशित अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए विगत सन् 2015 से निरंतर संघर्षरत हैं । 02 फरवरी 2016 के उच्चतम न्यायालय के आदेश के उपरांत भी अपेक्षाकृत निवेशकों को भुगतान नहीं मिलने एवं कमेटी द्वारा जारी दिशा-निर्देश के चलते निवेशकों को बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है जिसके समाधान के लिए संगठन द्वारा निरंतर पत्र व्यवहार,मेल एवं दिनांक 26फरवरी2018 को तत्कालीन सेबी चेयरमैन अजय त्यागी एवं दिनांक 14 मार्च 2019 को कमेटी के तत्कालीन नोडल अधिकारी  अनीता केंकरे से भी मिल कर प्रमाण के साथ समस्या रख कर समाधान की मांग की गई थी परंतु आश्वासन के उपरांत भी किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ जिसके विरोध में दिनांक 10/09/2024 को जंतर-मंतर दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर धरना प्रदर्शन कर मांगपत्र दिया गया था परन्तु आज तक भी किसी समस्या पर कोई विचार नहीं किया गया, जिससे आक्रोशित निवेशक दिनांक 05/03/2025 को एक बार फिर देश के समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों का घेराव कर पुनः ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है, इसके उपरांत भी मांग पूर्ण न होने पर सड़क पर प्रदर्शन करना निवेशकों की मजबूरी होगी जिसमें किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर संपूर्ण जिम्मेदारी लोढ़ा कमेटी की होगी।

हमारी प्रमुख मांगे:-

(1) जिनिवेशकों के निवेश से संबंधित ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स पीएसीएल ऑफिस में जमा हो जाने, गुम हो जाने एवं खराब हो जाने अर्थात मूल प्रमाण पत्र न होने के कारण ऑनलाइन क्लेम नहीं हो पाए ऐसे निवेशक बड़ी संख्या में हैं और सबसे ज्यादा जरूरतमंद हैं क्योंकि उनकी समयावधि 2014-15 मैं पूर्ण हो चुकी थी, ऐसे निवेशकों का कोई अन्य लीगल डोक्युमेंट ले कर अतिशीघ्र ओनलाइन पोर्टल या औफलाइन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

(2) कंपनी प्रथम एवं अंतिम रशीद ले कर भुगतान करती थी इसलिए निवेशक बीच की रसीदों का कोई औचित्य न मान कर संभाल कर नहीं रख पाए अतः कंपनी के नियमानुसार एवं कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार पूर्ण भुगतान किया जाए चूंकि समस्त रशीदों में इंस्टालमेंट नंबर एवं ड्यूडेट अंकित है।

(3) अधिकांश निवेशकों के नाम कंपनी द्वारा प्लॉट एलॉटमेंट मानकर तथा कुछ निवेशक जानकारी के अभाव में ऑनलाइन क्लेम करते समय प्लॉट अलॉटमेंट की ऑप्शन में यस टिक करने के कारण भुगतान नहीं किया गया जबकि उनका कोई भी प्लॉट नहीं मिला है अतः अलॉटमेंट निरस्त कर भुगतान किया जाए।

(4) कुछ निवेशकों को Deferred Cash मानकर भुगतान नहीं किया जा रहा है ऐसे मामलों का समाधान कर भुगतान किया जाए।

(5) कुछ निवेशक आर्थिक आवश्यकता पड़ने पर अपने किसी संबंधी या मित्र से कानूनी समझौता कर उन्हें अपनी पॉलिसी बेचकर उनसे अपने पैसे ले लिए गए जो कंपनी के रिकॉर्ड में खरीदने वाले के नाम इंडोर्समेंट हो चुका था ऐसे निवेशकों को कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार भुगतान कर दिया जाए।

(6) जीने निवेशकों की मृत्यु हो चुकी है उनके उत्तराधिकारी को अधिकृत कर भुगतान किया जाए।

(7) अधिकांश निवेशक ग्रामीण क्षेत्र से है जहां ऑनलाइन की सुविधा नहीं है उनके लिए कमेटी द्वारा ऑफलाइन क्लेम करने का आश्वासन दिया गया था जो आज तक नहीं हो पाया कृपया शिवरात्रि शीघ्र करें।

(8) कमेटी द्वारा दिए जा रहे भुगतान मैं अधिकांश निवेशकों का अनावश्यक त्रुटि मानकर भुगतान रोका गया है जबकि 70% मिलान होने पर भुगतान करने का आश्वासन मिला था कृपया ऐसे निवेशकों का शीघ्रातिशीघ्र भुगतान किया जाए।

(9) कमेटी2016 से लेकर आज तक ₹ 19000/ तक के मात्र 20.84 लाख निवेशकों का ही भुगतान कर पाई है उसमें भी मूल धनराशि का भुगतान नहीं हो पाया है इसका भी समाधान अपेक्षित है।

(10) लोढ़ा कमेटी में संगठन की भी भागीदारी सुनिश्चित हो ताकि समय-समय पर निवेशकों की समस्याओं पर चर्चा करके समाधान किया जा सके।

ज्ञापन में देने वाले वालों में प्रान्तीय अध्यक्ष आर एस बिष्ट सुधादेवली, बिजय लक्ष्मी ,राजेन्द्र ,सतेश्वरी कुकरेती ,पार्वती रावत ,सरला सेमवाल, सुनीता ,नीमा रावत,सुनील चोथान,शकुंतला नेगी ,सोम कश्यप, तारा ,सुरेश नेगी, सौरभ, प्रदुषन नेगी, प्रदीप ,बिरेन्द ,प्रदीप ,दिनेश आदि शामिल थे ,सीपीएम राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित एवं देहरादून सचिव अनन्त आकाश ने प्रदर्शन में पहुंच कर आन्दोलन का समर्थन किया ।

 

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