नई दिल्ली

आज के मतदाता ही भारत के भविष्य के निर्माता है : राष्ट्रपति मुर्मू।

नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को यहां कहा कि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मतदान नागरिकों के लिए अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम भी है।

मुर्मू ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के सभी वयस्क नागरिकों को उपलब्ध ‘वोट देने का अधिकार’, राजनीतिक और सामाजिक न्याय एवं समानता के हमारे संवैधानिक आदर्शों को ठोस रूप देता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारे लोकतंत्र की ताकत न केवल मतदाताओं की भारी संख्या में है, बल्कि लोकतांत्रिक भावना की गहराई में भी है।

उन्होंने कहा, “सबसे बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांग मतदाता और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं.” उन्होंने जागरूक मतदाताओं और चुनाव आयोग के नेतृत्व में चुनाव प्रणाली से जुड़े उन सभी लोगों की सराहना की, जिन्होंने मताधिकार के प्रयोग के इतने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किए है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “जनभागीदारी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की भावना को व्यावहारिक रूप देती है. चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई प्रयास किए हैं कि ‘कोई भी मतदाता पीछे न छूटे’. मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए हैं. इस वर्ष चुनाव आयोग द्वारा चुनी गई थीम ‘मेरा भारत, मेरा वोट: भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक’, हमारे लोकतंत्र की भावना को दर्शाती है और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में वोट देने के अधिकार के महत्व को रेखांकित करती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश के मतदाताओं ने अपने विश्वास को साबित किया है और भारतीय लोकतंत्र ने एक असाधारण उदाहरण के रूप में विश्व मंच पर सम्मान अर्जित किया है.उन्होंने कहा कि जहां एक ओर वोट देने का अधिकार महत्वपूर्ण है, वहीं यह भी उतना ही जरूरी है कि सभी वयस्क नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करें. उन्होंने विश्वास जताया कि सभी मतदाता प्रलोभन, अज्ञानता, गलत सूचना, दुष्प्रचार और पूर्वाग्रह से मुक्त होकर अपने विवेक की शक्ति से हमारी चुनावी प्रणाली को मजबूत करेंगे।

राष्ट्रपति ने देशभर के उन सभी युवा मतदाताओं को बधाई दी, जिन्हें उनके मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) मिले हैं. उन्होंने कहा कि यह कार्ड उन्हें दुनिया के सबसे बड़े और जीवंत लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने का अमूल्य अधिकार देता है. उन्होंने कहा कि आज के मतदाता ही भारत के भविष्य के निर्माता हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि देश के सभी युवा मतदाता जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।

इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “भारत न केवल लोकतंत्र की जननी है, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा और पारदर्शी लोकतंत्र भी है. 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के समूह, ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस’ ने भारत को अपना अध्यक्ष स्वीकार किया है. यह सम्मान भारत की विश्वसनीय चुनावी प्रणाली में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “मैं भारत के प्रत्येक मतदाता को नमन करता हूं. हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था आपकी भागीदारी के कारण ही जीवंत है. आपका वोट भारत की सबसे बड़ी ताकत है. आइए, हम सब न केवल लोकतंत्र को अपनाने का संकल्प लें, बल्कि इसे जीने, इसे संजोने और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे और भी मजबूत बनाने का संकल्प लें।

इस अवसर पर ‘चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व, एक यात्रा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025’ नामक प्रकाशन का विमोचन किया गया, जिसकी पहली प्रति मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा राष्ट्रपति को भेंट की गई. इस प्रकाशन में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के सफल आयोजन का दस्तावेजीकरण किया गया है।

यह चुनाव मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ पर आधारित था, जिसने उनकी शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की. इस मजबूत आधार पर हुए चुनाव ऐतिहासिक साबित हुए, जिसमें 1951 के बाद से अब तक का सबसे अधिक 67.3 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इसमें महिला मतदाताओं ने 71.8 प्रतिशत की अभूतपूर्व भागीदारी दर्ज की. इस अवसर पर केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button