उत्तराखंडदेहरादून

दून में पहली बार मनाई गई सम्राट अशोक की जयंती।

इच्छा शक्ति से ही सफलता है : नेमीसराय।

देहरादून :  दून बुद्धिस्ट सोसाइटी द्वारा आयोजित चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती पर बोलते हुए मुख्य अतिथि विश्व विख्यात लेखक मोहन नेमीशराय द्वारा सम्राट अशोक की इच्छा शक्ति पर जोर देते हुए कहा गया कि उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति से युद्ध छोड़कर बुद्ध को अपनाया। भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में मानवता का संदेश दिया।

एक घंटे के अपने लंबे वक्तव्य में उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात संपूर्ण जगत में भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास चाहिए।

विशिष्ट अतिथि पदमश्री डॉ. वी. के. संजय ने कहा कि भोजन शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान देकर ही हम सम्राट अशोक के विचारों पर चल सकते हैं।

राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच के अध्यक्ष नानक चंद ने कहा कि बुद्धिज्म में विश्व शांति, अहिंसा जैसे मानवीय मूल्यों का समावेश है।

समाजसेवी आशालाल ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उस समाज की महिलाओं की प्रगति से आंकी जाती है।

चौधरी ओमवीर सिंह ने सम्राट अशोक की जयंती पर सभी को बधाई दी और कहा कि आज शासक वर्ग को सम्राट अशोक के बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।

भारतीय दलित साहित्य अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. जयपाल सिंह ने कहा कि लगातार चर्चा परिचर्चा एवं कार्यक्रम आयोजन से ही मानव कल्याण की दिशा को सुनिश्चित किया जा सकता है।

दून बुद्धिस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष सर्वेश्वर सिंह ने सभी का स्वागत व आभार ज्ञापित किया। इससे पूर्व सम्राट अशोक के चित्र के सम्मुख मोमबत्ती जलाकर बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। समारोह का सफल संचालन करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह बुटोइया ने बताया कि सम्राट अशोक ने कहा है कि शासक वर्ग को अपनी प्रजा / जनता का अपनी इकलौती संतान के समान लालन-पालन, पोषण एवं व्यवहार करना चाहिए। इस अवसर पर देहरादून के प्रबुद्ध महानुभावों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि सम्राट अशोक महान की जयंती उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के समय में पहली बार देहरादून में आज आयोजित की गई है। यह एक ऐतिहासिक पल है जयंती समारोह / विचार गोष्ठी में चंद्रसेन, कल्याण सिंह, प्रीतम सिंह कुलवंशी, मनोहर लाल, विशाल कुमार, डॉ. कैलाश नाथ, दिलीप चंद्र आर्य, हरिदास, द्वारिका यादव, देशराज सिंह, सुखराम सिंह, देव कुमार, एम.के. यादव, विनोद मिततो, मदन ठाकुर, हंसराज, रोहित कुमार, डॉ. घनश्याम मौर्य, हरदयाल यादव, हरिचंद निमेष, धूम सिंह, राजपाल सिंह, सिद्धार्थ इत्यादि की गरिमामयी में उपस्थिति रही।

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