ITBP भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 5 लोगों को दबोचा।

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने आईटीबीपी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सायकोमेट्री (आईआईपी) के तीन निदेशक, एक कंसल्टेंट और एक प्रिंटर शामिल है. यह वही एजेंसी है, जिसे आईटीबीपी की लिखित परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि 10 जनवरी 2021 को आईटीबीपी कांस्टेबल (ट्रेड्समैन) भर्ती परीक्षा का आयोजन हुआ, जिसे देशभर के 13 शहरों के 81 केंद्रों पर 46 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दिया था. परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप पर वायरल हो गया. बाद में जांच में यह सवालपत्र असली पेपर से मेल खाता पाया गया. आईटीबीपी की आंतरिक जांच में लीक की पुष्टि हुई, जिसके बाद लोधी कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
जांच के दौरान यह सामने आया कि निदेशक अमितव रॉय, जयदीप गोस्वामी और शुभेंदु कुमार पॉल इस लीक में सीधे तौर पर शामिल थे. इसके बाद क्राइम ब्रांच की ईआर-दो यूनिट ने 19 सितंबर को कोलकाता में तीनों निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उन्हें दिल्ली लाया गया. पूछताछ में इन लोगों ने कंसल्टेंट रोहित राज और प्रिंटर धर्मेंद्र की भूमिका का खुलासा किया. दोनों को 24 और 25 सितंबर की दरमियानी रात दिल्ली से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, आईआईपी को टेंडर के तहत परीक्षा की पूरी प्रक्रिया प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, ओएमआर शीट तैयार करने और सुरक्षित ढंग से वितरण की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन, निदेशकों ने गोपनीयता नियमों का उल्लंघन कर पेपर लीक किया और भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया।
गिरफ्तार आरोपियों में अमितव रॉय (61), जयदीप गोस्वामी (58) और शुभेंदु कुमार पॉल (51) लंबे समय से आईआईपी से जुड़े थे. वहीं, रोहित राज (38) बतौर कंसल्टेंट और धर्मेंद्र (38) बतौर प्रिंटर काम कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि इस मामले में और लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है, पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

