
देहरादून : बस्ती बचाओ आन्दोलन ने आज नगरनिगम मेयर श्री सौरभ थपलियाल से बातचीत कर हाल में भेजे गये बस्तीवासियों को नोटिसों पर संवेदनशीलता एवं माननीय आधार पर विचार कर किसी को भी बेघरबार न किया जाये ।आन्दोलन की ओर से संयोजक अनन्त आकाश ने माननीय मेयर को अवगत कराया कि सर्वे के दौरान बड़े एवं प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिऐ कई स्थानों में बर्षों से बसे लोगों को बलि का बकरा बना गया लोहियानर ,ब्रह्मपुरी,चमनपुरी तथा राजीव नगर इसके उदाहरण जहां बिन्दाल में भेजे गये 872 नोटिसों में लगभग 500 नोटिसों को इसी क्षेत्र में बांटे गये क्योंकि इन कालोनी के दूसरी महन्त जी का विश्वविद्यालय ,लोण्डरी बिन्दाल नदी में स्थित है जिसकी गन्दगी बिन्दाल में गिरती है,और शहर भर का कूड़ा कचरा भी इसी नदी में आता और आरोप गरीबों लगाया जा रहा है।
आज विभिन्न बस्तियों में बैठकें आयोजित कर विभिन्न वक्ताओं ने डबल इन्जन सरकार द्वारा गरीब बस्तियों पर एक के बाद एक हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है ,वक्ताओं ने कहा है कि डबल इन्जन सरकार जो बड़े घरानों के हितों को मद्देनजर एलिवेटेड रोड़ जैसे भीमकाय योजनाओ को स्वीकृत कर रही है ,वहीं उत्तराखण्ङ हाईकोर्ट एवं एनजीटी में स्वयं सरकारी पक्ष दलील दे रहा है कि रिस्पना-बिन्दाल के इर्दगिर्द बाहरी लोगों ने अतिक्रमण कर दिया है तथा इस अतिक्रमण को हटाकर यहाँ नदी के बहावे को ठीक करना सरकार की प्राथमिकता है ।वक्ताओं ने कहा है कि आज न्यायालय के बाहर सरकार रिस्पना-बिन्दाल के ऊपर भीमकाय एलिवेटेड रोड़ के लिऐ बस्तियों को खाली करने के लिऐ लोगों पर दबाव बना रही है तथा हाईकोर्ट से लिये गये आदेश के दुरूपयोग करने के फिराक में है । जबकि ऐ सभी बस्तियां पिछले दो से पांच दशक पहले बसी हैं ,जबकि इन बस्तियों के मालिकाना हक के सवाल पर लोकसभा, विधानसभा तथा स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को भारी बहुमत मिला था ,स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय निकाय चुनाव में इन गरीब बस्तियों की जनता को आश्वस्त किया था कि उनकी बेदखली नहीं होगी तथा उनको मालिकाना हक मिलेगा वक्ताओं ने कहा है कि मोदी जी की कई घोषणा कि तरह हि जुमला साबित हुई ।यह सब भाजपा एवं आर एस एस की बड़े लोगों की हितैषी कि नीतियों के तहत हो रहा है ।
वक्ताओं ने निम्नलिखित माँगोँ की वकालात की
प्रमुख मुद्दे*
1. *_रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड के लिए भूमि अधिग्रहण:*_ 7 मई 2025 से प्रभावी नोटिफिकेशन, मुख्यतः गरीब बस्तियों को लक्षित करता है, जबकि अमीरों और सरकारी सम्पत्तियों को छोड़ा गया है।
2. _*_गरीब परिवारों का_ उत्पीड़न:* पिछले दो_ वर्षों से प्रभावित गरीब परिवारों को बेदखली के लिए उत्पीड़ित किया जा रहा है।
3. _*_नोटिस और_ बेदखली_ :* सरकार द्वारा सैकड़ों नोटिस जारी कर बेदखली की तैयारी की जा रही है, किंतु मुआवजा और पुनर्वास से बचा जा रहा है।
4. _*_विस्थापितों के_ अधिकारों का हनन:*_ विस्थापितों को सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों (उचित मुआवजा, पुनर्वास और नागरिक सुविधाओं का अधिकार) से वंचित रखा जा रहा है।
5. _*_अधिनियम का__ उल्लंघन:* 2016 के अधिनियम का उल्लंघन करते हुए बिना पुनर्वास योजना के विस्थापन की साजिश चल रही है।
सरकार द्वारा विस्थापन तभी हो जब सरकार प्रभावितों को पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास,नागरिक सुविधाऐं व रोजगार प्रदान करे।*
इस अवसर पर संयोजक अनन्त आकाश ,जनवादी महिला समिति की पदेश उपाध्यक्ष इन्दुनौडियाल जिलाध्यक्ष नुरैशा अंसारी, जिलासचिव सीमा लिंगवाल, एस एफ आई पदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा,विप्लव अनन्त ,बिट्टू ,शबनम ,सुरेशी, इन्दु, माला, श्रीदेवी, पंकज,आदि ने विचार व्यक्त किये ।
इसअवसर नगरनिगम द्वारा मलिन बस्तियों में सफाई व्यवस्था ठीक न करने पर गहरी चिंता व्यक्त की ।



