
देहरादून : योग एव धर्मनगरी ऋषिकेश में कुछ अराजक, असमाजिक और विघटनकारी तत्व राजनीती की आड़ मे कुत्सित षड्यंत्र रच रहे हैँ कि किसी प्रकार से उत्तराखंड का समाज विभक्त हो जाए और यहाँ गहरी वैमनस्य्ता पैदा हो जाए। इसके लिए सबसे सरल हथियार है पर्वतीय समाज के विरुद्ध जमकर जहर उगला जाए और भद्दी भद्दी गालियाँ बककर उन्हें नस्लवादी टिप्पणीयों से अपमानित किया जाए। ताकि कहीं से प्रतिशोध उभरकर आये और भारत संघ के एक और हिमालयी राज्य मे मणिपुर जैसी स्थितियाँ उग आएं और हिंसक तांडव प्रारम्भ हो जाए।
इन दुष्ट व भारत विरोधी तत्वों की पहचान करने हेतु गहन खुफ़िया जाँच की मांग, इनके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई एवं उन्हें राज्य से बर्हिगमन (तड़ीपार) करने हेतु पुलिस मुख्यालय में जाकर ज्ञापन पत्र प्रेषित किया है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय से कठोर एवं निर्णायक कार्रवाई का आश्वासन प्राप्त हुआ है। प्रतिनिधिमंडल में मैं जिन प्रबुद्ध समाजसेवियों संग पुलिस महानिदेशक कार्यालय पहुंचा उनमें सर्व समीर मुंडेपी, नीरज गौड, अनन्त आकाश, लेखराज, चिंतन सकलानी, मेजर (अवकाश प्राप्त) संतोष भंडारी, प्रमिला रावत, गीता बिष्ट, रेखा नेगी सहित आदि लोग मौजूद थे।



