अमूल ब्रांड की डेढ़ लाख किलो एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट।

जयपुर : खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर में अवधि पार अमूल ब्रांड की करीब डेढ़ लाख किलो सामग्री नष्ट की है. इस अवधि पार सामग्री को तिथि मिटाकर नई तिथि अंकित कर बेचने की तैयारी थी, जिसकी शिकायत राज्य सरकार की हेल्पलाइन 181 पर मिली थी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दे रहा है. विगत दिनों 181 हेल्पलाइन पर किसी नागरिक ने शिकायत दर्ज करवाई कि जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र में मैसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा अवधिपार अमूल ब्रांड की खाद्य सामग्री को बेचने की तैयारी की जा रही है।
इस पर विभाग ने सीएमएचओ जयपुर, द्वितीय की टीम को मौके पर निरीक्षण के लिए भेजा. राठौड़ ने बताया कि टीम को एक बडे़ गोदाम में भारी मात्रा में खाद्य सामग्री के कार्टन मिले, जिनमें मैसर्स कायरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन, गुजरात द्वारा उत्पादित एवं मैसर्स एडवनसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सप्लाई किए गए अमूल ब्रांड के अनेक नॉन डेयरी फूड प्रोडक्ट नूडल्स, कैचअप, म्योनीज, एनर्जी ड्रिंक आदि उत्पाद थे. लगभग 12 हजार कार्टन एक्सपायरी डेट के मिले, जिनमें से 3000 कार्टन में रखे पैकेट से एक्सपायरी डेट मिटा दी गई थी।
मौके पर डेट मिटाने के लिए थिनर, एसीटोन, केमिकल एवं अन्य सामग्री पाई गई. मैसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर फर्म का कारोबारी गगन आहूजा इस खाद्य सामग्री पर नई डेट प्रिंट कर इसे 4500 नए अमूल ब्रांड के कार्टनों में भर कर मोटे मुनाफे में बेचने की तैयारी में था।
यू-ट्यूब से सीखा अवधिपार माल बेचने का तरीका : अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि टीम इतनी भारी मात्रा में एक्सपायरी खाद्य सामग्री देख कर दंग रह गई. पूछताछ करने पर गगन ने बताया कि यू-ट्यूब पर डेट बदल कर एक्सपायरी माल बेचने का तरीका सीखा. एक्सपायरी खाद्य सामग्री को आमजन को बेचे जाने का अंदेशा होने पर टीम ने नमूने लेने के बाद गोदाम में रखी खाद्य सामग्री, मशीनों एवं अन्य सामान को सीज कर परिसर को सील कर दिया है. अग्रिम कार्रवाई तक खाद्य कारोबार करने पर पाबंदी लगाई गई है।
4 दिन चली कार्रवाई : स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के कारण एक्सपायरी सामग्री को नष्ट किया गया है. एक्सपायरी उत्पादों को फर्म के स्वयं के खर्चे पर नष्ट करवाया गया. चार दिन तक चली कार्रवाई में 27 ट्रकों में भरकर यह सामग्री कचरागाह ले जाई गई. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई करने हेतु दोनों फर्म कियारा एवं एडवनसिस कंपनियों के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी किया गया है।
फर्म द्वारा नष्टीकरण का शुल्क नगर निगम में जमा करवाकर रसीद पेश की गई, जिस पर कम्पनी के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंच कर अमूल ब्रांड की अवधि पार सामग्री की एक्सपायरी दिनांक मिटाने की तस्दीक की है. उन्होंने बताया कि गगन आहूजा उनकी फर्म से औने पौने दामों पर नियर एक्सपायरी सामग्री खरीदता है।
न्यायालय में दायर किया जाएगा परिवाद : फर्म एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत धारा 26 एवं 27 में अवधिपार सामग्री का भंडारण एवं एक्सपायरी दिनांक मिटाकर नई डेट प्रिंट कर बेचने की तैयारी, धारा 31 में बिना खाद्य लाइसेंस व्यापार करने पर धारा 60 में सीज सामग्री को मौके से हटाने के लिए, धारा 55 में एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी के दिशा निर्देशों की पालना नहीं करने के उल्लंघन किए जाने पर निर्धारित सजा एवं जुर्माना लगाने जाने के लिए न्यायालय में परिवाद दायर किया जाएगा।
बिना खाद्य लाइसेंस वाली फर्म को खाद्य सामग्री सप्लाई करने एवं अन्य अनियमितताओं के संबंध में निर्माता एवं मार्केटिंग फर्म मैसर्स कियारा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन एवं सप्लायर फर्म मैसर्स एडवनसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।


