नई दिल्ली

प्रिंट मीडिया की विज्ञापन दरें 26% तक बढ़ाएगी केंद्र सरकार।

नई दिल्ली : केंद्र सरकार जल्द ही प्रिंट मीडिया के लिए विज्ञापन दरों में 26% की बढ़ोतरी की घोषणा करने जा रही है। यह कदम वर्ष 2019 के बाद पहली बार सरकारी प्रिंट विज्ञापनों की दरों में की जा रही बड़ी बढ़ोतरी होगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) के सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय की औपचारिक अधिसूचना बिहार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद जारी की जाएगी।

नई दरें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन (CBC) के माध्यम से अखबारों को जारी किए जाने वाले सरकारी विज्ञापनों पर लागू होंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है जब प्रिंट उद्योग सर्कुलेशन और विज्ञापन दोनों मोर्चों पर दबाव में है। सरकार का उद्देश्य इस बढ़ोतरी के जरिए समाचार संस्थानों में नौकरियों पर मंडरा रहे संकट को कम करना और उद्योग को राहत देना है।

सूत्रों के मुताबिक, यह दर वृद्धि विशेष रूप से छोटे और मध्यम अखबारों को राहत देने के लिए है, जो 2022 से दर संशोधन की मांग कर रहे थे। इन प्रकाशनों के लिए सरकारी विज्ञापन त्योहारी और चुनावी सीज़न के अलावा प्रमुख आय स्रोत बने हुए हैं।

सरकारी प्रिंट विज्ञापन दरों में आखिरी बार जनवरी 2019 में 25% की बढ़ोतरी की गई थी। उससे पहले 2013 में 19% की वृद्धि 2010 की दरों के मुकाबले लागू की गई थी। उस समय मंत्रालय ने कहा था कि यह बढ़ोतरी समाचारपत्र लागत (newsprint cost) और प्रोसेसिंग शुल्क में बढ़ोतरी को देखते हुए की गई थी, ताकि क्षेत्रीय और भारतीय भाषाई प्रेस को सहारा मिल सके।

रेट स्ट्रक्चर कमेटी नवंबर 2021 में बनाई गई थी ताकि 2019 की दरों की तीन वर्षीय वैधता खत्म होने के बाद संशोधन की समीक्षा की जा सके। हालांकि, यह प्रक्रिया कई दौर की सिफारिशों के बावजूद अब तक लंबित थी।

इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी (INS) सहित कई उद्योग संगठनों ने लगातार सरकार से दरें बढ़ाने की मांग की थी, यह तर्क देते हुए कि इनपुट लागत में वृद्धि और विज्ञापन राजस्व के डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर शिफ्ट ने प्रिंट माध्यम को गहराई से प्रभावित किया है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार टेलीविज़न माध्यम के सरकारी विज्ञापन दरों की भी अलग से समीक्षा करने की तैयारी में है।

इस बीच, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मंत्रालय ने नए टीआरपी (Television Rating Point) दिशानिर्देशों पर प्रारंभिक परामर्श पूरा कर लिया है और आगे भी कुछ और चरणों में विचार-विमर्श किया जाएगा।

मंत्रालय पारंपरिक मीडिया से जुड़े संस्थानों के पुनर्गठन पर भी काम कर रहा है, जिसमें रजिस्ट्रार ऑफ न्यूज़पेपर्स फॉर इंडिया (RNI), प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन (CBC) को एकीकृत कर संचार और नियामक कार्यों के बेहतर समन्वय का लक्ष्य रखा गया है।

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