नई दिल्ली

संपत्ति की जानकारी नहीं देने पर IAS अधिकारी किए जाएं दंडित।

IAS अधिकारियों को समय पर दाखिल करना होगा आईपीआर।

नई दिल्ली। कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय पर संसदीय स्थायी समिति ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी अचल संपत्ति का विवरण दाखिल नहीं करने वाले आईएएस अधिकारियों के विरुद्ध दंड या उचित कार्रवाई का सुझाव दिया है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित अनुदान मांगों (2025-26) पर समिति की 145वीं रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में 91 और 2023 में 73 आईएएस अधिकारियों ने अपना अचल संपत्ति रिटर्न (आईपीआर) दाखिल नहीं किया।

रिपोर्ट 27 मार्च को संसद में पेश की गई। वर्ष 2023 में 15 आईएएस अधिकारियों, 2022 में 12 और 2021 में 14 आईएएस अधिकारियों को संबंधित वर्षों का आईपीआर दाखिल नहीं करने के कारण कुछ पदों पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य सतर्कता स्वीकृति प्रदान नहीं की गई।

समिति ने सिफारिश की कि सभी आईएएस अधिकारियों द्वारा समय पर आईपीआर दाखिल करना सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीकृत अनुपालन निगरानी तंत्र स्थापित किया जा सकता है। इस तंत्र में विभाग के भीतर एक समर्पित टास्क फोर्स का गठन शामिल होना चाहिए जो सभी अधिकारियों की स्थिति को ट्रैक करने और रिपोर्ट दाखिल करने के लिए जिम्मेदार हो। इसके अलावा समिति अनुपालन नहीं होने पर दंड या उचित कार्रवाई का प्रस्ताव करती है।

उच्चाधिकारियों तक स्वत: पहुंचाने की प्रक्रिया शामिल है। समिति के अनुसार, इससे जवाबदेही मजबूत होगी और समय पर दाखिल करना सुनिश्चित होगा, जिससे प्रक्रिया अधिक मजबूत होगी व आवश्यकताओं का अधिक से अधिक पालन सुनिश्चित होगा। समिति ने 1,316 आइएएस अधिकारियों की कमी पर भी संज्ञान लिया और लोक प्रशासन की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए त्वरित कार्रवाई का सुझाव दिया।

आईएएस अधिकारियों के 6,858 पद (4,781 सीधी भर्ती से और 2,077 पदोन्नति से) स्वीकृत हैं, जबकि अभी 5,542 (3,987 सीधी भर्ती से 1,555 पदोन्नति से) पदस्थ हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 1,316 आईएएस अधिकारियों की कमी सरकार के विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक दक्षता और शासन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है।

समिति ने कहा कि सीधी भर्ती वाले आईएएस अधिकारियों की भर्ती के संबंध में सी. चंद्रमौली समिति की रिपोर्ट का अध्ययन किया जा सकता है और इसे जल्द से जल्द लागू किया जा सकता है। चंद्रमौली समिति की सिफारिशें वर्तमान में सरकार के विचाराधीन हैं।

आईएएस के पदोन्नति कोटे की रिक्तियों का समय पर निर्धारण सुनिश्चित करने के लिए संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि डीओपीटी राज्य सरकारों के लिए एक आनलाइन ट्रैकिंग और सबमिशन पोर्टल शुरू कर सकता है।

इस प्लेटफार्म पर राज्य सरकारें अपने प्रस्ताव इलेक्ट्रानिक रूप से प्रस्तुत कर सकेंगी, प्रस्तुतीकरण की प्रगति ट्रैक कर सकेंगी और समयसीमा के बारे में स्वत: रिमाइंडर प्राप्त कर सकेंगी।

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