झारखंडराजनीति

नगर निकाय चुनावों की घोषणा, 23 फरवरी को वोटिंग, 27 फरवरी को होगी मतगणना।

रांची : काफी जद्दोजहद के बाद झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा हो गई है. इसके तहत 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना होगी. राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होते ही आज से शहरी निकाय क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो गई है. नामांकन 29 जनवरी से शुरू होगा जो 4 फरवरी तक चलेगा।

5 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 06 फरवरी को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे. 7 फरवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित होगा. गैरदलीय आधार पर होने वाले इस चुनाव में 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 22 लाख 07 हजार 203 है जबकि 21 लाख 26 हजार 227 महिला वोटर हैं, थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 144 है. इस चुनाव में मतदाता महापौर और पार्षद के लिए मत देंगे. महापौर के लिए पिंक और पार्षद के लिए उजला रंग का बैलेट पेपर होगा।

शहरी नगर निकाय क्षेत्र जहां होंगे चुनाव नगर निगम – रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो.नगर परिषद – गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम. नगर पंचायत – बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया।

झारखंड में नगर निकायों की कुल संख्या 48 है, जिसमें 09 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल है. जहां बैलेट पेपर के जरिए एक ही दिन में मतदान कराए जाएंगे. इन नगर निकायों में 13 ऐसे हैं, जहां 2020 से ही चुनाव लंबित हैं. जबकि रांची सहित शेष अन्य नगर निगम और निकायों में 2022 से चुनाव लंबित है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बताया कि इस चुनाव में 1087 वार्डों में 4,304 बूथों पर मतदान होगा. इस चुनाव में नोटा का इस्तेमाल नहीं होगा. इस वजह से मतदाताओं को वोट देना अनिवार्य होगा. आयोग ने मतदान के लिए मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी के अलावे 12 अन्य सरकारी गैर-सरकारी फोटोयुक्त पहचान पत्र को भी मान्यता दी है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि मतदान के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी. साथ ही मतगणना स्थल पर भी चौकसी बरती जायेगी. निर्वाचन कार्य पर नजर रखने के लिए सामान्य एवं व्यय प्रेक्षक की नियुक्ति की गई है, जो चुनाव के दौरान निगरानी रखने का काम करेंगे. चूंकि यह चुनाव मतपत्र के जरिए हो रहा है. इसलिए पर्याप्त संख्या में मतपेटी जिलों में उपलब्ध कराए गए है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन में कार्य सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपने कर्तव्य एवं दायित्वों का निर्वहन पूर्ण रूपेण निष्पक्ष एवं निर्भीक होकर करेंगे. यदि किसी भी तरह की कदाचार से संबंधित शिकायतों में दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरोध आयोग द्वारा बिना किसी हिचकिचाहट के समुचित कार्रवाई की जाएगी।

इस चुनाव में 10 लाख से अधिक वाले जनसंख्या क्षेत्र के महापौर/अध्यक्ष के लिए अधिकतम 25 लाख रुपए निर्वाचन की सीमा रखी गई है. वहीं वार्ड पार्षद के लिए 5 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं. वहीं दस लाख से कम जनसंख्या वाले क्षेत्र के महापौर/अध्यक्ष के लिए 15 लाख रुपये और वार्ड पार्षद के लिए 3 लाख रुपया निर्धारित किया गया है. चुनाव की आधिकारिक घोषणा के वक्त नगर विकास सचिव सुनील कुमार सहित, आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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