दो लाख की रिश्वत लेते जेई गिरफ्तार, तलाशी में 7 लाख 46 हजार रूपये की बरामदगी।

मेरठ : विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को मेरठ गंग नहर खंड कार्यालय में तैनात जूनियर इंजिनियर ब्रजराज सिंह को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया, तलाशी के दौरान इंजिनियर के पास से 7 लाख 46 हजार रूपये की बरामदगी भी हुई है।
बताया जाता है कि जेई के द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस को मिली थी, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की गई. दरअसल मेरठ के मवाना के रहने वाले धर्मसिंह की डीएस कॉन्ट्रैक्टर्स के नाम से एक फर्म है, जो सिंचाई विभाग के सिविल कार्यों का टेंडर लेती है, बीते वर्ष गाजियाबाद क्षेत्र में मछरी माइनर को साफ करने का ठेका इस फर्म को दिया गया था. साल के अंत तक फर्म के द्वारा कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन पेमेंट में जूनियर इंजिनियर ब्रजराज सिंह के द्वारा अड़चन पैदा की जा रही थी।
इस मामले में फर्म मालिक के बेटे अंकुर सिंह का आरोप है कि कुल 7 लाख 54 हजार रूपये का भुगतान होना था. जिसमें से 4 लाख 32 हजार रूपये का पेमेंट हो चुका था, लेकिन बाकी रकम पास कराने के लिए जेई के द्वारा 3 लाख रूपये की रिश्वत मांगी जा रही थी. साथ धमकी दी जा रही थी कि अगर आगे काम करना है तो पहले भुगतान करना होगा, नहीं तो आगे काम नहीं मिलेगा।
इसके बाद फर्म मालिक के बेटे अंकुर ने अपने पिता के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए विजिलेंस की टीम से संपर्क किया. विजिलेंस ने अंकुर को रिश्वत के नोटों पर केमिकल लगा दिया. आज नोटों की गड्डी लेकर अंकुर अवर अभियंता ब्रजराज सिंह के पास पहुंचा तो उसने रकम ले ली, तभी विजिलेंस की टीम ने छापा मार कर ब्रजराज सिंह रो रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस की टीम ने ऑफिस में ख़डी जब उसकी गाड़ी की तलाशी ली तो उससे कुल 7 लाख 46 हजार रूपये की बरामदगी हुई. इस मामले में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि अवर अभियंता को विजिलेंस टीम थाना सिविल लाईन लाकर पूछताछ कर रही है।


