
देहरादून : सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड योनियंस (सीटू) ने राज्य सरकार द्वारा राज्य मे अपनी मांगो को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों पर एस्मा जैसे कानून लगाना उनके अधिकारों का हनन है।
इस अवसर ओर सीटू के जिलाध्यक्ष एस. एस. नेगी व महामंत्री लेखराज ने संयुक्त बयान जारी कर सरकार के इस कसम का विरोध किया है उन्होंने कहा है कि सरकार का यह कदम जानतान्त्रिक अधिकारों का हनन है उन्होंने कहा कि सरकार कि कर्मचारी व श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के साथ है। इस अवसर पर सीटू से संबध आंगनवाड़ी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन ने भी सरकार के इस कदम का विरोध किया है उन्होंने कहा कि मांगो को लेकर धरना दे रहे आंगनवाड़ी कि बहनो कि मांगो पर शीघ्र कार्यवाही करें अन्यथा यूनियन भी आंदोलन के लिए मजबूर होंगी इस अवसर पर प्रांतीय महामंत्री चित्रा ने कहा कि 3मार्च 2025 को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधि मंडल को मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मांगो पर हाई पवार कमेटी बनाई ओर आशवस्थ किया था कि वे इस कमेटी कि रिपोर्ट पर मानदेय सहित अन्य मांगो पर कार्यवाही करेंगे किन्तु आज तक भी कोई कार्यवाही नहीं हुयी है उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सरकार उनकी मांगो पर कार्यवाही नहीं करती है वे भी आंदोलन हेतु बाध्य होंगी ।

