5 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, पति-पत्नी और तीन बच्चों की मौत।

कानपुर : जिले के चमनगंज इलाके में एक पांच मंजिला इमारत में रविवार देर रात भीषण आग लग गई. इमारत में जूते-चप्पल बनाने का कारखाना भी है. आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया. धुएं का गुबार और आग की ऊंची-ऊंची लपेट उठता देख स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड की टीम और पुलिस को दी. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की छह से ज्यादा गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं. इसी दौरान बिल्डिंग में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों के फंसे होने की जानाकरी मिली. फायर ब्रिगेड की टीम के काफी प्रयास के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस दुखद घटना में अब तक कुल 5 लोगों की मौत की खबर है. आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट बताया जा रहा है.
देखते ही देखते बेकाबू हुए हालात: चमनगंज थाना क्षेत्र के प्रेम नगर में 5 मंजिला बिल्डिंग में कई परिवार रहते हैं. बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के पहले और दूसरे फ्लोर पर जूता चप्पल बनाने का कारखाना है. जबकि तीसरे और चौथे मंजिल में परिवार के लोग रहते हैं. रविवार देर रात जब अचानक आग लगी तो कुछ ही देर में हालात बेकाबू हो गए. आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. हर तरफ धुंए का गुबार फैल गया और ऊंची लपटें उठने लगीं. आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. इमारत में फंसे लोगों में चीख-पुकार मच गई. बिल्डिंग में रह रहे लोग बाहर निकल कर भागे, हालांकि कई लोग फंसे रह गए. फायर ब्रिगेड की करीब 6 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. पुलिस के कई आला अधिकारी भी सूचना मिलने पर पहुंच गए. वही, दमकल कर्मियों द्वारा बिल्डिंग में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकालने के साथ ही आग बुझाने का प्रयास किया जाता रहा. इस बीच पता चला कि इमारत में अब भी दंपति और तीन बच्चे फंसे हैं. सारे प्रयासों के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका. पति-पत्नी और तीनों बच्चों की मौत हो गई.
इमारत में चमड़ा और केमिकल का भंडारण: चीफ फायर आफिसर दीपक शर्मा ने बताया कि देर रात दो बजे पांच मंजिला भवन के तीसरे फ्लोर से तीन शवों को निकाला गया. जबकि चौथी मंजिल पर दो बच्चे धुएं व हीट की चपेट में थे. कहा कि पूरे भवन में चमड़ा और केमिकल (सुलोशन) का भंडारण था. आग पर देर रात सवा एक बजे के आसपास काबू पाया गया, लेकिन उसके बाद आग फिर से भड़क गई. दादा नगर स्थित मुख्यालय से जब हाईड्रोलिक मशीन (42 मीटर ऊंचाई तक पानी पहुंचाने वाली) आई, तब जाकर देर रात दो बजे के आसपास आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका.
इनकी हुई मौत: वहीं, कई लोगों को केज के सहारे बिल्डिंग से बाहर निकाला गया. जाजमऊ निवासी मिस्ताहुल हक इसर इकराकी ने बताया, जब आग लगी थी तब भवन की तीसरी मंजिल पर भांजा दानिश, पत्नी नाजरीन, 15 साल की बेटी सारा, 12 साल की सिमरा और सात साल की इनाया थी. पुलिस व फायर सर्विस विभाग के अफसरों ने बताया कि दानिश के परिवार में ही सभी मौते हुई हैं.
भवन में आग से बचाव के नहीं थे कोई इंतजाम: फायर सर्विस विभाग के अफसरों व कर्मियों ने बताया, पांच मंजिला भवन में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे. अगर बचाव के ठीक ढंग से प्रबंध किए जाते तो निश्चित तौर पर आग समय से बुझाई जा सकती थी. वहीं, पांच मंजिला भवन का निर्माण भी मानकों को ताक पर रखकर किया गया. संकरी गलियों की वजह से दमकल के वाहनों को भी मौके पर पहुंचने के लिए बहुत अधिक जद्दोजहद करनी पड़ी.
जिंदगी के लिए सवा पांच घंटे लड़े, पर मिली मौत: पांच मंजिला भवन में आग लगने के बाद अंदर फंसे लोग अपनी जिंदगी के लिए करीब सवा पांच घंटे तक लड़े. जब आग लग गई थी, उसके बाद प्रेम नगर की गलियों में केवल चीखें ही सुनाई दे रही थीं. देर रात जब आसपास एरिया के लोग सो रहे थे, तब प्रेमनगर में बचाओ-बचाओ…की आवाजें गूंज रही थीं. हालांकि आग की गर्मी से आखिरकार पांच जिंदगियों को हारना ही पड़ गया. वहीं इस पूरे मामले को लेकर डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया पति व पत्नी के गंभीर रूप से झुल्सने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया था. हालांकि तीन बच्चे आग में ही फंसे रह गए.
इस मामले में एडीसीपी सेंट्रल राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि, अभी तक करीब पांच लोगों को यहां से निकाला गया है और इनको बर्न यूनिट उर्सला भेजा गया है, जहां डॉक्टरों द्वारा उनकी जांच के बाद मृत घोषित मर दिया गया. बताया कि, रात्रि करीब 8 से सुबह 5:30 बजे तक यानी करीब 8 घंटे आग को बुझाने का काम जारी रहा. पुलिस की लोकल टीम, मुख्य अग्निशमन अधिकारी व एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची. काफी कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका है. बिल्डिंग में अभी भी काफी ज्यादा आग है, जिस वजह से इसे करीब दो से तीन बार सेनीटाइज किया जाएगा ताकि जो थोड़ा बहुत धुआं है या हीट है, उस पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके.
*The Lucknow Times*


