सपा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जिला पार्टी कार्यालय खाली करने के नोटिस को किया रद्द।

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा के मुरादाबाद डिस्ट्रिक्ट कार्यालय को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से जारी किए गए नोटिस को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि विवादित संपत्ति नगर निगम के नियंत्रण में है,ऐसे में जिलाधिकारी को नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता शशि नंदन, अधिवक्ता विनीत विक्रम और कुणाल शाह को सुनकर दिया है डीएम मुरादाबाद ने सपा जिलाध्यक्ष को कार्यालय खाली करने के लिए नोटिस दिया था. जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है.वहीं राज्य सरकार ने यह कार्यालय साल 1994 में सपा के तत्कालीन अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को 250 रुपये प्रतिमाह किराए पर दे दिया था. राज्य सरकार ने इस साल अगस्त में यह आवंटन रद्द कर दिया।
डीएम ने सपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी करके 1 सप्ताह में कार्यालय खाली करने को कहा है. प्रशासन का कहना है कि आवंटन में किसी प्रकार की शर्तों का पालन नहीं किया गया और इसका किराया बहुत कम है. राज्य सरकार को अपनी आवश्यकता के लिए इस भवन की जरूरत है.याची पक्ष का कहना था कि जिलाधिकारी को नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है. जबकि राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि संपत्ति राज्य सरकार की है. नगर निगम इसकी देख-रेख करता है. कोर्ट ने नोटिस नियमानुसार नहीं मानते हुए इसे रद्द कर दिया है।
ये था पूरा मुद्दा: मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित यह कोठी पिछले कई माह से विवादों में घिरी हुई है. मुरादाबाद प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष को उक्त भवन खाली करने के आदेश दिए थे. मुरादाबाद डीएम अनुज सिंह ने इस कोठी का आवंटन निरस्त कर दिया था और समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष को कोठी खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया. इसके पश्चात भवन पर कब्जे के लिए फोर्स के साथ जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची. मगर उस वक्त समाजवादी पार्टी के ज़िला अध्यक्ष से 10 अक्टूबर तक का टाइम मांगा गया था।
लेकिन मुलायम सिंह को अलॉट की गई कोठी नंबर 4 समाजवादी पार्टी को अब नहीं खाली करनी होगी. हाई कोर्ट ने मुरादाबाद प्रशासन के उस नोटिस को निरस्त कर दिया है, जिसमें समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय को खाली करने का आदेश दिया था.इस बीच जिला अध्यक्ष जयवीर यादव ने हाई कोर्ट का रुख किया था और वहां से फिलहाल जिला प्रशासन के नोटिस को रद्द कर दिया गया है. सपा के ज़िला अध्यक्ष जयवीर यादव ने बताया कि अभी आदेश की कॉपी नहीं मिल पाई है मगर वकील से उनको यह सूचना दी गई।
जिला अध्यक्ष जयवीर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करती है, उन्होंने बताया 1994 को यह भवन नेताजी मुलायम सिंह यादव को अलॉट किया गया था. यहां से नेताजी की यादें जुड़ी हुई है. वह खुद इस कार्यालय पर आए थे, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहला नोटिस आने के बाद से ही लगातार नज़र रखे हुए थे।
उन्होंने आगे बताया कि समाजवादी पार्टी को कमजोर करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. प्रशासन की तरफ से आवंटित भवन का लगातार किराया दिया जाता है और जिला प्रशासन के जो भी नियम हैं उसे फॉलो किया जाता है।

