बर्फ में दबे मालिक के शव की रखवाली करता रहा डॉगी।
चार दिन बाद दोनों भाइयों के डेड बॉडी मिली।

चंबा : पहाड़ों की सफेद चादर के बीच जहां हर आवाज बर्फ में दब जाती है, वहां एक बेजुबान कई फीट बर्फ के बीच बिना कुछ खाए चार दिनों तक अपने मालिक के शव के पास ही खड़ा रहा और उसकी रखवाली करता रहा.दरअसल 23 जनवरी को बर्फबारी के बीच चंबा जिले के भरमौर में 19 वर्षीय विकसित राणा और उसका 13 वर्षीय ममेरा भाई पीयूष भरमाणी माता मंदिर में दर्शन के लिए गए थे. उनके साथ पीयूष का एक कुत्ता भी था. भरमाणी माता मंदिर में दर्शन के बाद दोनों वीडियो शूट करने के लिए आगे की ओर अधिक ऊंचाई पर निकल गए।
अपने साथ टैंट और स्लीपिंग बैग भी लेकर गए थे. विकसित को ट्रैकिंग के साथ कैंपिंग का शौक था. वो अकसर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ट्रैकिंग के वीडियो डालता था. 23 जनवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्र में वीडियो बनाते समय अचानक मौसम ने करवट ली और भारी बर्फबारी के साथ बर्फीला तूफान शुरू हो गया. देखते ही देखते रास्ते बर्फ से ढक गए और दोनों किशोर रास्ता भटक गए. दोनों शून्य से नीचे के तापमान में फंस गए।
शुक्रवार दोपहर बाद तक विकसित राणा से मोबाइल फोन पर परिवार का संपर्क हो रहा था. इस दौरान उसने फोन पर परिजनों से डफ्फर का गोठ नाम की जगह पर पहुंचने की जानकारी दी थी. विकसित ने परिजनों को बताया कि मोबाइल की बैटरी खत्म होने वाली है. इसके बाद से दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था. दोनों के घर न लौटने पर परिवार ने तलाश शुरू की थी. दोनों को संभावित रास्तों, पहाड़ियों और पगडंडियों पर तलाश था, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला सका।
गौरतलब है कि लापता युवकों की खोज के लिए पहले दिन पर्वतारोहियों के विशेष दल, स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था. दूसरे दिन सर्च अभियान को और तेज करते हुए ड्रोन के माध्यम से ऊंची और दुर्गम पहाड़ियों पर सर्च किया गया. लगातार बर्फबारी, दुर्गम रास्तों और खराब मौसम के बावजूद पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से खोज अभियान चलाया. घने कोहरे, खराब मौसम, कम विजिविल्टी के कारण सर्च ऑपरेशन में परेशानी हुई. हालांकि सर्च के दौरान टीम को उनका टैंट और स्लीपिंग बैग भी मिल था, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चल पाया था. तीसरे दिन वायुसेना के हेलिकॉप्टर्स ने दोनों को खोजने के लिए उड़ाने भरी।
इस दौरान सेना ने भरमाणी माता, कुकड़ू कंडा और सिमरा धार जैसे दुर्गम इलाकों में करीब एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. मौसम साफ होने पर भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर सर्च ऑपरेशन में लगाए गए. सोमवार सुबह फिर से सर्च अभियान चलाया, जिसमें पहले 13 साल के पीयूष का शव कुकड़ू कंडा पहाड़ी पर एक पेड़ के पास मिला. उसके शव के साथ उनका पालतू कुत्ता भी मौजूद था।
कुत्ता शव के पास बैठा हुआ था, जैसे ही रेस्क्यू टीम आगे बढ़ी कुत्ते ने उनपर भौंकना शुरू कर दिया और किसी को भी नजदीक नहीं आने दिया. इसके बाद किसी तरह से कुत्ते पर नियंत्रण पाया गया और शव के साथ कुत्ते को भी हेलिकॉप्टर के साथ रेस्क्यू किया गया और भरमौर हेलीपैड पर पहुंचाया गया. कुत्ता बिना कुछ खाए चार दिन तक बर्फ के बीच अपने मालिक के शव के साथ डटा रहा और किसी को पास नहीं आने दिया. वहीं, आज दोपहर बाद पास के एक नाले से दूसरे युवक का शव भी बरामद कर लिया गया. विधायक ने दोनों युवकों की मौत पर दुख प्रकट किया है।



