मुस्लिम लड़की लाओ, नौकरी पाओ, भाजपा नेता के बयान पर मायावती बोलीं-संकीर्ण और घृणित सोच।

लखनऊ : सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज से भाजपा के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के ’मुस्लिम लड़की लाओ, नौकरी पाओ वाले बयान पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पलटवार किया है. मायावती ने ऐसे बयान को घृणित बताया है. वहीं, बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर भाईचारा संगठन की अलग से बैठक बुलाई है।
बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ये ताजा संकीर्ण व घृणित बयान है. इसके साथ-साथ यूपी व उत्तराखण्ड सहित अन्य और राज्यों में भी धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और न जाने क्या-क्या नफरती नाम देकर और उसके विरुद्ध क़ानून को अपने हाथ में लेकर साम्प्रदायिक व जातिवादी द्वेष, वैमनस्य, अशान्ति, अराजकता और लोगों के जान-माल व मज़हब पर ख़तरा बन जाने का शरारती तत्वों का यह विषैला हिंसात्मक खेल अति-निन्दनीय है. ऐसे आपराधिक, अराजक व असामाजिक तत्व सभ्य व संवैधानिक सरकार के लिए खुली चुनौती और ख़तरा हैं. इन्हें शह व संरक्षण देने के बजाय सरकारें राज्य की करोड़ों जनता के हित व कल्याण को ध्यान में रखते हुये कानून का राज स्थापित करना सुनिश्चित करने के लिये ऐसे लोगों के खिलाफ सख़्त कानूनी कार्रवाई करें, यही व्यापक जन व देशहित में है।
गौरतलब है कि राघवेंद्र सिंह 16 अक्टूबर को सिद्धार्थनगर के धनखरपुर गांव में एक जनसभा के दौरान दिए गए बयान का वीडियो वायरल हो गया है. जिसमें वह कह रहे हैं कि ‘हमारे समाज की 2 लड़कियां वो ले गए, तुम मुसलमानों की 10 लड़कियां लाओ. 2 पे 10 से कम मंजूर नहीं है. जो यह ले के आएगा उसके खाने-पीने, नौकरी का इंतजाम हम करेंगे. लेकिन जो यह 2 गई हैं वह हमें पच नहीं रहा है. मुसलमानों सुन लो, यह हमें पच नहीं रहा है।
मुस्लिम भाईचारा कमेटी की बैठकः वहीं, मायावती ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश स्टेट की मंडल स्तरीय मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन की अलग से बैठक बुलाई है. बैठक में केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से निर्देशों के बारे में भी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बताएंगी. मायावती ने मुस्लिम भाईचारा कमेटी की बैठक इसलिए भी बुलाई है, क्योंकि हाल ही में उन्होंने शमसुद्दीन राईनी को मंडल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया था. इसके बाद अब मुस्लिम नेताओं की पार्टी में कमी होने लगी है. इसलिए अब मुस्लिम भाईचारा कमेटी की बैठक बुलाकर ये संदेश देने की तैयारी है कि मुस्लिम समाज के साथ बहुजन समाज पार्टी हमेशा खड़ी है।

