
देहरादून : तुलाज़ इंस्टीट्यूट, देहरादून के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा फैकल्टी सदस्यों के बीच डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्सेज और ब्लेंडेड लर्निंग प्रथाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एनपीटीईएल फैकल्टी अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के विशेषज्ञ सत्र को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की लोकल चैप्टर कोऑर्डिनेटर डॉ. अंगना सेनगुप्ता ने संबोधित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा में मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज की भूमिका, नामांकन प्रक्रिया, सर्टिफिकेशन प्रणाली तथा नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षण और शोध की गुणवत्ता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यशाला का आयोजन और समन्वय सिविल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर मोहित बिष्ट ने डॉ. ऋतु पाल के साथ मिलकर किया।
कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र कुमार तिवारी, अतिरिक्त निदेशक डॉ. निशांत सक्सेना, रजिस्ट्रार डॉ. विजय उपाध्याय, डीन (रिसर्च) डॉ. सुनील सेमवाल, सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. त्रिप्ती खंडूरी, मुकेश पाथेला, डॉ. संदीप कुमार और अभिषेक चक्रवर्ती की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर निदेशक डॉ. शैलेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा विकसित एनपीटीईएल कोर्सेज उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री प्रदान करते हैं, जो आउटकम बेस्ड एजुकेशन को मजबूत बनाने के साथ-साथ अकादमिक जगत और उद्योग के बीच की दूरी को भी कम करते हैं। उन्होंने फैकल्टी सदस्यों से इन सर्टिफिकेशन कोर्सेज में सक्रिय रूप से भाग लेने और छात्रों को भी इसमें नामांकन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संस्थान प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक और पेशेवर विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।



