पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री पर हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार।

नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री को रेगुलेट करने में विफल रहने पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हाल में दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट में पुराने कार का इस्तेमाल किया गया था. ऐसे में क्या आप और आतंकी हमले के बाद इसे रेगुलेट करेंगे. कोर्ट ने दिल्ली सरकार को इस मामले पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई अगले साल जनवरी में होगी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि एक कार चार हाथों से गुजरती है, फिर भी उसका असली मालिक नहीं बदलता है. असली मालिक बूचड़खाने जाता है. आखिर आप इसकी इजाजत कैसे दे रहे हैं. क्या और दो-तीन बम धमाके के बाद आप कोई कदम उठाएंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी एनजीओ हैप्पी अर्थ फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
याचिका में मोटर व्हीकल रुल्स के नियम 55ए से लेकर 55एच तक के प्रावधानों को लागू करने में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया गया है. मोटर व्हीकल रुल्स दिसंबर 2022 में लाया गया था. ये रुल्स वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले अधिकृत डीलर्स को रेगुलेट करने के लिए लाया गया था. याचिका में कहा गया है कि भले ही ये नियम अधिकृत डीलर्स को रेगुलेट करने के उद्देश्य से लाए गए हैं, लेकिन व्यवहार में कई खामियां हैं. एक वाहन असली खरीददार के पास पहुंचने के पहले कई डीलरों से होकर गुजरता है, लेकिन एक डीलर से दूसरे डीलर के पास ट्रांसफर होने पर सूचना का कोई मेकानिज्म नहीं है।
याचिका में कहा गया है कि पूरे देश में करीब तीस से चालीस हजार वाहन डीलर हैं जिनका अधिकृत डीलर के रुप में रजिस्ट्रेशन हुआ है. लेकिन दिल्ली में किसी भी डीलर ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है. याचिका में हाल के दिल्ली बम ब्लास्ट का जिक्र किया गया है, जिसमें 11 साल पुराने वाहन को कई बार बेचा गया. लेकिन वो अभी भी अपने मूल मालिक के नाम से रजिस्टर्ड था।



