उत्तराखंडदेहरादून

जंगली जानवरों व आवारा पशुओं को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन।

देहरादून : राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आज राजधानी देहरादून में जिला किसान सभा प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति/राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया ।ज्ञापन उपजिलाधिकारी मुख्यालय शालिनी नेगी ने लिया उन्होंने प्रदर्शकारियों को आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

ज्ञापन में कहा गया है कि हमारे राज्य सहित देशभर में जंगली जानवरों के कारण मानव एवं फसलों को नुकसान हो रहा है, ज्ञापन में कहा गया है 5 बर्षों में देशभर में हाथी द्वारा छब्बीस सौ एवं शेर 293 से भी अधिक लोग मारे गये ।

ज्ञापन में निम्नलिखित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया :-

(1)घोषित आरक्षित हाथी ,टाईगर आरक्षित वन्यजीव क्षेत्र के बिस्तार के नाम पर बेदखली पर रोक लगाते हुये ,कानून में संशोधन करो ।

(2)वनाधिकार को सुनिश्चित करते हुऐ जबरन बेदखली पर रोक लगाई जाये ।

(3)पशु व्यापार पर प्रतिबन्ध तत्काल हटाया जाये ।गोरक्षा के नाम पर दण्डित करना बन्द करो ।(4) गैर उत्पादक पशुओं की मार्केट रेट पर खरिदारि सुनिश्चित करो ।

(5) वन्य जिवों‌ से मारे गये लोगों के परिजनों को 1 करोड मुआवजा सुनिश्चित किया जाये तथा मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी दि जाये ।

(6) राज्य सरकारें विभिन्न प्रजाति के पशुओं को वैज्ञानिक आधार पर संरक्षित करें ।

(7)साल ,फलदार तथा बांस के बृक्षों को वनभूमि में लगाया जाये ।

(8)वनभूमि के समीप खई खोदकर तथा विधुत तारें लगाई जायें ।

(9)वन संरक्षण को सुनिश्चित करते हूऐ मनरेगा में एक हजार रूपए मजदूरी दि जाये ।

(10)वन संरक्षण कानून को संशोधित करते हुऐ जनहितों को सुरक्षित किया जायै ।

(11)देहरादून में बालों ,हाथियों ‌,जंगली सुअर ,बन्दरों ,भालुओं तथा आवारा पशुओं से खैति व जानमाल की सुरक्षा की जाऐ ।

प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष दलजीत सिंह एवं सचिव कमरूद्दीन नै संयुक्त रूप से किया, प्रर्दशनकारियों को किसान सभा कै प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सजवाण ,महामंत्री गंगाधर नौटियाल ,कोषाध्यक्ष शिवप्रसाद देवली ,राजेन्द्र पुरोहित, किसान कांग्रेस कै नेता मनोज नौटियाल ,जिला कोषाध्यक्ष माला गुरूंग , ब्रह्मान्द कोठारी, इस्लाम ,कुन्दन सिंह ,गुमानसिंह ,अमर बहादुर सिंह ,बलबीर सिंह ,हेमलाल ,कर्मजीत सिंह ,जाहिद अन्जुम ,हरबंशसिंह,अनन्त आकाश ,भगवन्तं पयाल ,उमा नौटियाल ,रविंद्र नौडियाल ,अकरम आदि प्रमुख थे ।

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