उत्तर प्रदेश

प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में मूर्तियों का कराया घृताधिवास।

बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन।

जनपद बागपत के अग्रवाल मंड़ी टटीरी में सिद्धपीठ श्री शनि धाम एवं श्री खाटू श्याम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में तीसरे दिन भगवान की प्रतिमाओं का घृताधिवास कराया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी अनिल जी ने बताया कि भगवान की मूर्तियों को शक्तियों से ओतप्रोत करने में अधिवास सहायक होता है। कहा कि किसी देवी-देवता की मूर्ति जब शास्त्रोक्त विधि से मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठित हो जाती है तब उसे अमुक देवता का विग्रह कहा जाता है। अधिवास से मूर्तियों का विग्रह आकर्षक, ऊर्जावान तथा विशिष्ट आभा का दिखाई देता है। कहा कि अधिवास में सभी वस्तुओं का अपना विशिष्ट प्रभाव है। विभिन्न संकल्पो के माध्यम से अलग-अलग औषधियों के स्नान तथा सुगंधित द्रव्य, अन्न, फल, पुष्प, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, आदि से मूर्ति को प्रतिष्ठित करते हुए उनका प्रभाव लिया जाता है। बताया कि घृताधिवास में घी से मूर्ति का अधिवास कराने पर संपूर्ण सनातन संस्कृति का पोषण होता है और उन्नति का प्रादुर्भाव होता है। कहा कि विधिवत प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति के दर्शन से श्रद्धालु को गृहस्थ जीवन में आ रही बाधाओं के निराकरण की ऊर्जा प्राप्त होती है। प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति के दर्शन कल्याणकारी माने जाते है। सांध्य प्रवचन में स्वदेश स्वरुप जी महाराज वृंदावन वालों ने लोगों को धर्म की महत्ता से अवगत कराया। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को सफल बनाने में आचार्य पंड़ित मनोहर लाल जी निबाली वाले, श्री शनि धाम एवं श्री खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रवीण गोयल, उपाध्यक्ष विनोद गोयल, सचिव अंकुर शर्मा, कोषाध्यक्ष नितिन मानव, सहकोषाध्यक्ष तरूण गुप्ता, संदीप गोयल, प्रवीण गोयल, पूर्व चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, समाज सेवी संजीव शर्मा, दीपक गोयल, मयंक गोयल, कमलकांत शर्मा, विष्णु मित्तल, केशव गोयल, विकास मानव, प्रवीण चौधरी, राजेन्द प्रसाद आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

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