‘गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर’ को केंद्र की मंजूरी।

वाराणसी : केंद्र सरकार ने वाराणसी में गंगा और वरुणा नदियों पर दो एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इसकी लागत 25,445 करोड़ रुपए की है. केंद्र ने करीब 89 किलोमीटर लंबे ‘गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर’ को हरी झंडी दे दी है।
केंद्रीय कैबिनेट ने वरुणा नदी के किनारे 43.218 किलोमीटर लंबे और गंगा नदी पर लगभग 46 किलोमीटर 6 और 4 लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह हाइब्रिड एम्यूटी मॉडल पर विकसित की जाएगी।
इसकी अनुमानित लागत लगभग 25 हजार करोड़ है. इसके बनने से शहर के सभी हिस्सों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. अभी 40 मिनट में तय होने वाला सफर महज 20 मिनट में पूरा होगा।
बेहतर कनेक्टिविटी होगी: मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि सड़कों के मामले में वाराणसी को 25000 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिली है. इसमें गंगा और वरुणा कॉरिडोर के एलिवेटेड रोड है।
गंगा पर बनने वाला एलिवेटेड कॉरिडोर 43.039 किमी का है और यह 6 लेन का एलिवेटेड मेन कैरिजवे होगा. एक केबल-स्टे ब्रिज, एक एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज, लूप, रैंप, लिंक रोड और सर्विस रोड भी इसमें शामिल है।
यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत कुल 14,447.64 करोड़ रुपए की लागत पर कार्यान्वित की जाएगी. इसमें 6,037.85 करोड़ रुपए की सिविल निर्माण लागत और 541.11 करोड़ रुपए की भूमि अधिग्रहण लागत शामिल है।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी. इससे शहर के सड़क नेटवर्क पर भीड़ कम हो जाएगी. शहरी आवागमन में सुधार होगा।
दूरी होगी कम-समय बचेगा: इस परियोजना से प्रभावित क्षेत्र में औसत यात्रा समय लगभग 60 मिनट से घटकर 20 मिनट होने की उम्मीद है, जो लगभग 67 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।
वहीं, वरुणा कोरीडोर से एनएच-19 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा समय 50 मिनट से घटकर लगभग 25 मिनट हो जाएगा, जिससे लगभग 25 मिनट की बचत होगी।
मंडलायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप यह कॉरिडोर प्रमुख राजमार्गों, रेलवे स्टेशनों, लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे और रामनगर आईवाई बंदरगाह तक निर्बाध पहुंच प्रदान करके बहुआयामी कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
इसके साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, नमो घाट, रामनगर किला और वाराणसी के घाटों सहित प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।
महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को जोड़कर यह परियोजना लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करेगी. सड़क सुरक्षा बढ़ाएगी. पर्यटन और तीर्थयात्रा को सुगम बनाएगी।
बीजेपी ने मनाया जश्न: बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं ने गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के मंजूरी को लेकर जश्न मनाया. इस दौरान कार्यकर्ता ढोल नगाड़े पर थिरकते रहे. लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई. प्रधानमंत्री के गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया।
महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर काशी के लिए विकास का एक ऐतिहासिक कदम है. इससे शहर की यातायात व्यवस्था को नई गति मिलेगी. श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और काशी के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

