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पेड़ों की अवैध व अनियोजित कटाई के खिलाफ चल रहे जनांदोलन में आप’ नेता गिरफ्तार।

देहरादून : आम आदमी पार्टी ने ऋषिकेश में 7 मोड़ क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हो रहे अंधाधुंध जंगल कटान को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर “पर्यावरण विरोधी” होने का आरोप लगाया है, आप कार्यकर्ता 7 मोड़ ऋषिकेश क्षेत्र में जंगल कटान के विरोध में चल रहे जनांदोलन को अपना समर्थन देने गए जहां पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

आप नेताओं ने जंगलों के कटान का विरोध करते हुवे कहा कि 7 मोड़ चौड़ीकरण के नाम पर सरकार हरे भरे पेड़ काट कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है ऋषिकेश से देहरादून मार्ग तक हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। ये जंगल  ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र की सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का काम करते हैं। व  प्रदेश में आ रही प्रकृतिक आपदा भू-स्खलन बाड़ बादल फटने की  घटनाओं को रोकने  में एहम भूमिका निभाते है। Aap ने आरोप लगाया की सरकार विकास के नाम पर देवभूमि को रेगिस्तान बना रही है।

*प्रदर्शन कर रहे आप नेताओं* ने कहा ने कहा कि भाजपा सरकार को पर्यावरण से कोई लेना-देना नहीं है। एक तरफ एक पेड़ मां के नाम पर ‘वृक्षारोपण’ के बड़े-बड़े होर्डिंग लगते हैं, दूसरी तरफ रातों-रात सैकड़ों पेड़ काट दिए जाते हैं। ये चौड़ीकरण नहीं, विनाश है।”

आंदोलन में गिरफ्तार हुवे आप नेता *हिमांशु पुण्डीर, दीप्ति रावत* ने कहा की चौड़ीकरण से पहले पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और जन सुनवाई नहीं कराई गई। और हरे भरे वृक्षों को काटने से पहले 10 गुना वृक्षारोपण की अनिवार्यता का पालन नहीं हुआ। बरसात के समय वृक्ष न काटे जाने के नियमों की भी अनदेखी की गई ज्ञात हो

की जंगल में निवास करने वाले बंदर, हिरन और अन्य वन्य जीवों का आवास है। उनके लिए कोई वैकल्पिक रास्ता या व्यवस्नथा नहीं की गई, जिस कारण जंगली जानवरों और मनव में संघर्ष बढ़ता जा रहा है। पहले से ही यह क्षेत्र जंगली हाथियों के कारण संवेदनशील रहा है।

कई बार हाथियों के हमले से लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है, और अब चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं जिससे यह क्षेत्र हाथियों के सड़क पर आ जाने से और संवेदनशील हो सकता है।

*प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया* ने आप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को सरकार की निरंकुशता  करार दिया उन्होंने कहा की धामी सरकार गिरफ्तारी का डर दिखाकर जनता की आवाज को दबा देना चाहती है उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यावरण हरयाली बाग बगीचों के लिए जाना जाता है परन्तु सरकार विकास के नाम पर प्रदेश का विनाश करने पर तुली है।

प्रदेश के पहाड़ी जिलों में जंगल की कटाई से बरसात के मौसम में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पिछले कई वर्षों से बरसात के समय भूस्खलन बदल फटना नदियों के उफान पर आ जाने पर गांव के गांव तबाही का शिकार हो जाते हैं। पर सरकार को ये विनाश दिखाई नहीं देता, इसके विपरीत सरकार लगातार विकास और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लाखों पेड़ो की बली लेने पर उतारू है।

 

आप नेता *हिमांशु पुण्डीर* ने कहा कि “सरकार टूरिज्म के नाम पर पहाड़ों को खोखला कर रही है। सड़क चौड़ी हो, पर जंगल बचाकर। हमें विकास चाहिए पर पर्यावरण की कीमत पर नही।

आप कार्यकर्ताओं ने सात मोड शेत्र में में जंगल कटान पर *त्काल रोक* लगाने की मांग करते हुवे कहा की पूरे प्रकरण की *उच्च स्तरीय जांच* कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही सरकार अब तक कटे हर पेड़ के बदले *50 पेड़ लगाने* की गारंटी दे और

सड़क चौड़ीकरण का *वैकल्पिक प्लान* बनाकर पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों से राय ले।

सात मोड शेत्र में जन आन्दोलन को समर्थन देने वालों में  आप नेता *डीके पाल,हिमांशु पुण्डीर,दीप्ति रावत,अशोक सेमवाल, हितेश शर्मा, श्याम बाबू पाण्डेय,नसिर खान राजीव तोमर , राजिंदर गिल, अजय गौहर* के साथ अन्य कार्यकर्ता  शामिल थे।

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