
देहरादून : भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण तथा वक़्फ़ विकास निगम के सहयोग से आज देहरादून के परेड ग्राउंड में छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ किया। पांच दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन किरेन रिजिजू, केन्द्रीय मंत्री, अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्रालय, ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखण्ड के अल्पसंख्यक कल्याण एवं समाज कल्याण मंत्री खजान दास, मंत्रालय एवं उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, देशभर से आए कारीगरों, उद्यमियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “लोक संवर्धन पर्व कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए अपनी प्रतिभा, पारंपरिक शिल्पकला और उत्पादों को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है। पर्व का यह संस्करण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार की साझेदारी में इसका आयोजन किया जा रहा है।”
उत्तराखंड के बारे में बात करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, “मैंने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों की व्यापक यात्राएं की हैं और इन यात्राओं के दौरान मुझे यहां के लोगों की सादगी, ईमानदारी और परिश्रमी स्वभाव को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला है। जब भी मैं उत्तराखंड आता हूं, मुझे ऐसा महसूस होता है मानो मैं अपने ही घर आया हूं और अपने परिवार के सदस्यों से मिल रहा हूं।”
उन्होंने प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत विभिन्न पहलों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि पहली बार लोक संवर्धन पर्व का आयोजन देवभूमि में किया जा रहा है। उत्तराखंड इस प्रमुख आयोजन के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य भी बन गया है। यह महोत्सव उत्तराखंड की युवा पीढ़ी को देश के विभिन्न राज्यों की समृद्ध शिल्प विरासत और पारंपरिक कारीगरी से परिचित कराएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “उत्तराखण्ड सरकार विभिन्न लक्षित योजनाओं और पहलों के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को कक्षा एक से पीएचडी स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हुनर योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 20 लाख रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज और एक जिला दो उत्पाद योजना जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के विशिष्ट स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को देशभर के बाजारों तक पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है।”
उद्घाटन समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ श्रीवत्सा कृष्णा ने संबोधन दिया। उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर और भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस पी रॉय ने भी समारोह को संबोधित किया। इस दौरान अतिथियों को सम्मानित किया गया, जिसके बाद उत्तराखंड सरकार ने छठे लोक संवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक लिफाफे का विमोचन किया।
उद्घाटन सत्र के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदर्शनी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने देशभर से आए कारीगरों, शिल्पकारों, बुनकरों, उद्यमियों और पाक कला विशेषज्ञों से बातचीत की। उन्होंने कारीगरों को लोक संवर्धन पर्व जैसे मंचों का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, बाजार से बेहतर जुड़ाव स्थापित करने और स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
छठे लोक संवर्धन पर्व में करीब 130 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देशभर के पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र और विरासत से जुड़ी शिल्पकलाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें करीब 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड की कला और शिल्प को समर्पित हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मिला है।
शेष स्टॉल विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विविध कलात्मक परंपराओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें कश्मीरी हस्तशिल्प, अजरख ब्लॉक प्रिंट, लाख की चूड़ियां, लकड़ी के उत्पाद, पीतल के सामान, टेराकोटा, बेंत और बांस से बने उत्पाद, हथकरघा वस्त्र सहित अनेक पारंपरिक कलाओं और शिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह का समापन उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिथियों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया।
महोत्सव के पहले दिन का समापन शानदार सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें प्रसिद्ध गजल गायक तलत अजीज ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव के आगामी दिनों में ज्योति नूरां, किशन महिपाल, विवेक नौटियाल, माया उपाध्याय, पांडवास और परमिश वर्मा जैसे प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।
महोत्सव में आने वाले आगंतुक 20 फूड स्टॉल पर विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे। इनमें उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी और कुमाऊंनी व्यंजनों पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों के लोकप्रिय व्यंजन भी यहां उपलब्ध हैं। लोक संवर्धन पर्व 11 से 15 जुलाई 2026 तक देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रतिदिन सुबह 11.30 बजे से रात 9.30 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। महोत्सव में सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।



