राजस्थान

DRI की टीम ने पकडा 81 करोड़ रुपये का ड्रग्स।

जयपुर : डीआरआई ने देर रात डीडवाना-कुचामन स्टेट हाईवे पर टोल नाके के पास कार्रवाई की. गाड़ी में सवार तस्करों सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मंगलवार को सीकर के डीजे कोर्ट में आरोपियों को पेश किया गया. मादक पदार्थ मध्य प्रदेश में सप्लाई होने के लिए जा रहा था।

डीआरआई ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए बताया है कि राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक बहु-राज्यीय मादक पदार्थ गिरोह का पर्दाफाश किया है. डीआरआई अधिकारियों ने 11 और 12 जनवरी 2026 को चली सुनियोजित कार्रवाई में 270 किलोग्राम मेफेड्रोन (सिंथेटिक ड्रग) जब्त की है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत करीब 81 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई के अनुसार तस्कर मुर्गी फीड की खेप की आड़ में इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ को देश के भीतर एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जा रहे थे. जिससे जांच एजेंसियों की नजर से बचने की कोशिश की जा रही थी. विशेष खुफिया सूचना के आधार पर डीआरआई की टीम ने राजस्थान में एक ट्रक को रोका, जो देखने में कृषि आधारित सामान ले जा रहा था. गहन जांच के दौरान मुर्गी फीड की बोरियों के भीतर बेहद चालाकी से छिपाकर रखी गई 270 किलो मेफेड्रोन बरामद की गई।

कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक के साथ-साथ खेप की ढुलाई में शामिल गिरोह के अन्य सदस्य और इसे एस्कॉर्ट कर रहे लोग मौके पर ही पकड़ लिए गए. इसके बाद डीआरआई ने हरियाणा के विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, जहां से गिरोह के अन्य अहम सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान एक गुप्त और अवैध ड्रग निर्माण इकाई के अवशेष भी मिले, जिसे पहले ही आंशिक रूप से नष्ट किया जा चुका था. मौके से कुछ कच्चा माल भी बरामद किया गया है।

डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, जिसमें लगातार निगरानी, अंतर-राज्यीय समन्वय और सटीक रणनीति की जरूरत पड़ी. इस कार्रवाई से एक सुव्यवस्थित और कई राज्यों में फैले नशा तस्करी नेटवर्क की परतें खुली हैं, जो लंबे समय से सक्रिय था।

चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक डीआरआई छह अवैध ड्रग फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ कर चुका है. इनमें मेफेड्रोन, अल्प्राजोलम और मेथामफेटामिन जैसे खतरनाक मादक पदार्थों का अवैध निर्माण किया जा रहा था. ड्रग से जुड़ी फैक्ट्रियां अप्रैल 2025 में लातूर, अगस्त 2025 में भोपाल और दिसंबर 2025 में वर्धा में पकड़ी गई थीं. वहीं, अल्प्राजोलम की अवैध फैक्ट्रियां अक्टूबर 2025 में हैदराबाद और नवंबर 2025 में वापी में सामने आई थीं. इसके अलावा अक्टूबर 2025 में ग्रेटर नोएडा में मेथामफेटामिन बनाने वाली फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ किया गया था।

डीआरआई के अनुसार नशे के खिलाफ उसकी लड़ाई पूरी सख्ती और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी. ड्रग्स सार्वजनिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे के लिए गंभीर खतरा हैं. ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डीआरआई खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई और देशभर में समन्वित प्रयासों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार प्रहार कर रही है।

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