उत्तराखंडदेहरादून

कश्मीरी युवक पर हुए हमले की निंदा कर, की कार्रवाई की मांग।

देहरादून : संयुक्त ज्ञापन के माध्यम से विकासनगर में जम्मू-कश्मीर के दो सगे भाइयों पर हुए क्रूर सांप्रदायिक हमले की कड़ी निंदा करते हुए आपसे पीडितों के पक्ष में न्यायोचित कार्यवाही की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया, ज्ञापन जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी ने लिया तथा अपने स्तर कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

ज्ञापन में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा से आए 17 वर्षीय युवक और उनके 19 वर्षीय भाई दानिश पर, परिवार की आजीविका के लिए शॉल बेचते समय हमला किया गया तथा हमलावरों ने उनकी कश्मीरी मुस्लिम पहचान जानकर नफरत भरी गालियां दीं और लोहे की रॉड से उनके सिर और शरीर पर बेरहमी से प्रहार कर जाने मारने की कोशिश की जिसमें छोटे भाई का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह लहूलुहान होकर घटनास्थल पर ही गिर पड़े बाद को किसी तरह उन्हें दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ज्ञापन में कहा गया कि इस घटना की सभ्य समाज में भारी निन्दा हो रही तथा हमारे राज्य की शान्तिप्रिय एवं सौहार्दपूर्ण में रहने की परम्परा पर गहरा आधात लगा है क्योंकि आपके शासनकाल में निरन्तर ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को साम्प्रदायिक एवं असमाजिक तत्व अंजाम दे रहे हैं यहाँ तक कि आपकी पुलिस की अधिकांश मामलों मूक रहती है ।

ज्ञापन में कहा गया है कि,यह हमला उन हजारों मेहनतकश कश्मीरी परिवारों पर है जो सर्दियों में उत्तराखण्ड में रोजी-रोटी कमाने आते रहे हैं। आज सवाल है कि क्या केवल कश्मीर से होना और अलग भाषा-धर्म होना ही उनकी गलती है इससे पहले दिसंबर 2025 में देहरादून के सेलाकुई में त्रिपुरा के एन्जेल चकमा की नस्लीय हिंसा से हुई मौत के दोनों पहचान-आधारित नफरत का शिकार हैं। इस प्रकार की नरफती एवं हिंसकता अन्तत: उत्तराखण्ड की सदभावपूर्ण छवि को धूमिल करती हैं और पर्यटन व अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाती हैं।

ऐसी नफरती एवं धमकाने वाली कार्यवाही कुछ तत्वों द्वारा अतिक्रमण हटाने की आढ़ में इनामतुल्ला बिल्डिंग में सदियों से रोजगार कर रहे अल्पसंख्यकों के साथ हो रही नगरनिगम एवं पुलिस व्यवस्था का कार्य कुछ तत्व जिन्हें संरक्षण प्रभावशाली लोगों द्वारा दिया जाता रहा है ,आयेदिन इनको धमकाने आ जाते हैं ।

ज्ञापन में मांग की गई हुऐ कि

1. मुख्य आरोपी संजय यादव सहित सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।

2. पीड़ितों का पूरा इलाज सरकारी खर्च पर हो, उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले तथा परिवार को मुआवजा/सहायता दी जाए।

3. सांप्रदायिक/नस्लीय हिंसा के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति लागू की जाए और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

4. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील: नफरत फैलाने वाली बयानबाजी बंद करें और सद्भाव बढ़ाने के ठोस कदम उठाएं।

5. इनायतुल्ला बिल्डिंग के व्यवसायियों एवं अन्य सभी घटनाओं पर रोक लगाने के लिऐ प्रभावशाली कार्यवाही करें ।

इस दौरान पर नवनीत गुंसाई संरक्षक, अनन्त आकाश सचिव सीपीएम देहरादून, लेखराज महामन्त्रि ,भगवन्त पयाल /अभिषेक भण्डारी उपाध्यक्ष /सचिव सीआईटीयू, अनुराधा मन्दौला एआईएलयू, प्रभात डण्डरियाल अध्यक्ष नेताजी संघर्ष समिति, सुरेश कुमार अध्यक्ष आन्दोलनकारि परिषद तथा एडवोकेट ध्यानी रतूड़ी आदि शामिल थे ।

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