
देहरादून : वाहन जनित प्रदूषण के प्रभावी नियंत्रण हेतु डॉ. अनीता चमोला, आरटीओ (प्रवर्तन), देहरादून के निर्देशन में श्री एम.डी. पपनाई, सुश्री प्रज्ञा पन्त, सुश्री अनुराधा पन्त (परिवहन कर अधिकारी) तथा श्री हरीश बिष्ट एवं श्री अरविन्द यादव (संभागीय निरीक्षक, प्राविधिक) की टीमों द्वारा देहरादून शहर के अंतर्गत संचालित प्रदूषण जांच केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
आरटीओ द्वारा बताया गया कि यह कार्यवाही प्रदूषण जांच केन्द्रों द्वारा वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराए जाने के उद्देश्य से की गई है।
टीमों द्वारा निम्नलिखित 10 प्रदूषण जांच केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया—
पंवारजी प्रदूषण जांच केन्द्र, रांझावाला, बालाजी पर्यावरण समिति, मोहकमपुर, गौरव द्विवेदी प्रदूषण जांच केन्द्र, हर्रावाला, बालाजी पेट्रोलियम प्रदूषण जांच केन्द्र, हर्रावाला, गुरु कैलापीर वेलफेयर सोसायटी, रिस्पना, डी.एस. असवाल प्रदूषण जांच केन्द्र, रिस्पना, हिमगिरी जन जागरण समिति, ट्रांसपोर्ट नगर, देवभूमि प्रदूषण जांच केन्द्र, ट्रांसपोर्ट नगर, पुष्टि रोहिणी प्रदूषण जांच केन्द्र, अजबपुर, सागर मोटर ड्राइविंग प्रदूषण जांच केन्द्र, लाडपुर, औचक निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित कमियां पाई गईं—
कुछ केन्द्रों पर भारी वाहनों की पार्किंग हेतु समुचित स्थान उपलब्ध नहीं पाया गया।एक केन्द्र में निरीक्षण के दौरान प्रदूषण जांच से संबंधित संयंत्र कार्यरत नहीं पाया गया।कतिपय केन्द्रों पर निरीक्षण के दौरान मान्यता से संबंधित लाइसेंस प्रदर्शित नहीं किया गया था।ऑपरेटर का प्राधिकार पत्र भी प्रदर्शित नहीं पाया गया।
इसके अतिरिक्त डॉ. अनीता चमोला, आरटीओ (प्रवर्तन) द्वारा स्वयं कैनाल रोड स्थित मैसर्स आज़ाद इंटरप्राइजेज प्रदूषण जांच केन्द्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्थान में वाहनों की पार्किंग हेतु समुचित स्थान नहीं पाया गया तथा प्रदूषण जांच केन्द्र में वाहनों के फोटो लिए जाने हेतु आवश्यक वेब कैमरा भी कार्यरत नहीं पाया गया।
आरटीओ द्वारा बताया गया कि वाहन जनित प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से टीमों द्वारा सभी प्रदूषण जांच केन्द्रों के संचालकों को मौके पर ही वाहनों के प्रदूषण स्तर की सही एवं मानक अनुसार जांच किए जाने के संबंध में काउंसलिंग की गई है।
जिन प्रदूषण जांच केन्द्रों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही संबंधित केन्द्रों की एआरटीओ प्रशासन एवं एआरटीओ प्रवर्तन स्तर से गहन जांच कराई जाएगी तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित केन्द्रों का लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्यवाही भी की जाएगी।
उन्होंने सभी प्रदूषण जांच केन्द्र संचालकों से अपील की कि वे वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार ही करें। मानकों का पालन न करने वाले प्रदूषण जांच केन्द्रों के विरुद्ध आगे भी निरंतर औचक निरीक्षण कर सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।

