
देहरादून : संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति उत्तराखण्ड का एक दिवसीय कनवेंशन सम्पन्न देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 12 फ़रवरी की हड़ताल को सफल बनाने के लिए संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति उत्तराखण्ड का एक दिवसीय कनवेंशन देहरादून जे प्रेस क्लब सभागार मे सम्पन्न हुआ।
आज सीटू, इंटक, ऐटक के द्वारा आयोजित कन्वेंशन मे वक्ताओ ने मोदी सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा 2020 मे ज़ब पूरी दुनियां मे करोना से त्राहि -त्राहि मची थी और इसमें सबसे अधिक मजदूर वर्ग प्रभावित हुआ था। ऐसे समय मे केंद्र कि मोदी सरकार द्वारा बड़े संघर्षो और बलिदानो के बाद हासिल किये श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूर विरोधी व कारपोरेट परस्त चार श्रम सहिताएं बनाई गयी जिसका श्रमिक संगठनों द्वारा जमकर विरोध किया गया जिस कारण मोदी सरकार उन्हें लागु नहीं कर सकी जबकि 9 जुलाई कि हड़ताल के बाद उनके द्वारा लागु नहीं करने का आश्वाशन दिया गया था किन्तु बिहार चुनाव जितने के पश्चात 21 नवंबर 2025 को इन्हे लागु करने का फरमान सुना दिया जिसके मजदूर संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है और 12 फ़रवरी को एक मुकम्मल हड़ताल का आयोजन कर रहीं है।
वक्ताओ ने कहा कि मजदूर इन गुलाम बनाने वाली नीतियों अथवा चारो श्रम सहिताओं को कभी भी नही अपनायेगा सरकार को को इन्हे वापस लेने के लिए मजबूर कर देगा ।
इस अवसर पर तय किया गया कि चुंकि उत्तराखंड कि धामी सरकार इन श्रम सहिताओं को लागु करने कि ओर अग्रसर है इस लिए इस सरकार के खिलाफ भी 12 फरवरी को गाँधी पार्क से सचिवालय पर कूच किया जायेगा ओर धामी सरकार को भी इन नितिओ पर आगे बढ़ने से रोकेगा।
इस अवसर पर चारो श्रम सहिताएं वापस लेने, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, केंद्र व राज्य सरकार के विभागों, संस्थाओ मे कार्यरत संविदा /ठेकेदार के श्रमिकों को समान काम का समान वेतन देने, नियमितीकरण करने, सभी को पेंशन का लाभ देने न्यूनतम पेंशन 7000 से ऊपर करने, पुरानी पेंशन स्कीम लागु करने, एल आई सी मे 100 FDI को वापस करने, रेल, बिजली, बैंक, पोस्टल के निजीकरण पर रोक,आयुध निर्मानियों के रजकीयकारण करने व निजीकरण पर रोक, नये एम. वी. एक्ट को वापस लेने,स्कीम वर्कर्स आशा, भोजन माता व आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सेविकाओं को कर्मकार घोषित करने व उन्हें न्यूनतम वेतन देने, रिस्पना, बिंदाल नदियों पर ऐलीवेटेड रोड परियोजना रद्द करने, बस्तीयों के उजाड़ने पर रोक व मालिकाना हक देने सहित कई मांगो का प्रस्ताव पास किया गया।
इस अवसर पर तीन सदस्ययी अध्यक्ष मंडल मे पूर्व केबिनेट मंत्री व इंटक के अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, सीटू जे प्रांतीय अध्यक्ष एम. पी. जखमोला, ऐटक के प्रांतीय अध्यक्ष सुभाष चंद्र त्यागी ने संयुक्त रूप से की। कान्वेंशन का संचालन सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने किया। इस अवसर पर इंटक के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार, वीरेंद्र नेगी, सीटू के जिलाध्यक्ष एस. एस. नेगी, ऐटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, आशा, भोजन माता आंगनवाड़ी की ओर से शिवा दुबे, बिजली विभाग से अनिल उनियाल किसान सभा से राजेंद्र पुरोहित व जगदीश कुडयाल,एम. आर. यूनियन से दीपक शर्मा, रोडवेज व परिवहन से दयाकिशन पाठक उपनल से वीरेंद्र कवी आदि ने हड़ताल को सफल बनाने का आश्वाशन देते हुए आह्वान किया की इस श्रमिक विरोधी सरकार को वे आने वाले समय मे उखाड़ फंकेगे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या मे विभिन्न ट्रेड यूनियनों के कृष्ण गुनियाल अभिषेक भंडारी, हिमांशु, सुनीता रावत, मोनिका, कलावती चंदौला, देवानंद पटेल, प्रदीप तोमर,मोहन सिंह, हरीश कुमार, विजय कुमार, मनोज बंसल,विकटर थॉमस, ओ. पी. सोढ़ी आदि बड़ी संख्या मे उपस्तियह थे।

