उत्तराखंडदेहरादून

आज़ाद अली ने प्रशासन से की योगेंद्र राणा को जेल भेजने की मांग।

देहरादून : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी का तूफ़ान आ गया है। केराना से सांसद इकरा हसन को लेकर करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेता योगेंद्र राणा द्वारा की गई विवादित टिप्पणी ने देशभर में नाराज़गी पैदा कर दी है। खासकर मुस्लिम समाज में इस टिप्पणी को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि यह न केवल एक महिला सांसद का अपमान है, बल्कि पूरे मुस्लिम समाज की गरिमा के खिलाफ भी है।

इस मामले को लेकर जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने योगेंद्र राणा के बयान को ‘घृणित’ और ‘सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला’ करार देते हुए उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आज़ाद अली ने साफ शब्दों में कहा कि “हमारी सांसद बहन इकरा हसन पर किया गया यह अशोभनीय बयान न केवल महिलाओं का अपमान है, बल्कि पूरे मुस्लिम समाज को नीचा दिखाने की साजिश है। इस मानसिकता को हमें जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।”

आज़ाद अली ने कहा – “मुस्लिम समाज का किया गया अपमान बर्दाश्त नहीं

आजाद अली ने कहा कि योगेंद्र राणा के बयान से देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि राणा जैसे नेताओं पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में शांति और एकता बनी रहे। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम इस बयान को केवल एक जुबानी फिसलन नहीं मान सकते, यह सोची-समझी राजनीतिक साजिश है।”

उनका कहना है कि महिलाओं के प्रति इस तरह की सोच रखने वालों को राजनीति से बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से अपील कि वे इस मसले पर एकजुट हों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें।

इकरा हसन पर की गई टिप्पणी से समाज में तनाव, जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष आज़ाद अली ने दी चेतावनी

योगेंद्र राणा द्वारा दिया गया बयान कई जगहों पर वायरल हो चुका है और इससे मुस्लिम समाज में नाराजगी का माहौल है। विभिन्न संगठनों और बुद्धिजीवियों ने भी इस टिप्पणी की निंदा की है।

जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष आज़ाद अली ने चेतावनी दी कि अगर योगेंद्र राणा के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे देशभर में जन आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, “अगर इस बार भी ऐसे तत्वों को खुला छोड़ दिया गया, तो यह परंपरा बन जाएगी। समाज को बांटने वाले नेताओं पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।”

योगेंद्र राणा को जेल भेजने की उठी मांग, आज़ाद अली ने प्रशासन से की कार्रवाई की अपील

अज़ाद अली ने सीधे तौर पर गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि योगेंद्र राणा को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने, महिलाओं का अपमान करने और समाज में तनाव फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया जाए।

उन्होंने कहा कि “सांसद इकरा हसन को उनके काम के लिए जाना जाता है, ना कि उनकी जाति या धर्म के लिए। जिस तरह से एक महिला नेता के सम्मान पर हमला किया गया है, यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।”

आजाद अली ने मुस्लिम समाज से भी संयम बरतने की अपील की लेकिन साथ ही यह भी कहा कि चुप रहना अब विकल्प नहीं है। “हमें संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी,”

उन्होंने कहा। सांसद इकरा हसन पर की गई टिप्पणी के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल है। जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष आज़ाद अली की अगुवाई में समाज के कई हिस्सों से इस बयान के खिलाफ आवाज़ें उठ रही हैं। अब यह देखना बाकी है कि सरकार और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या योगेंद्र राणा को उनके बयान के लिए कानूनी दायरे में लाया जाएगा या नहीं।

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