पापा सड़क पर तड़पते रहे, सिस्टम सोता रहा, BMW हादसे पर बेटे का आरोप।
केजरीवाल सरकार में फरिश्ते योजना से बची थी 26000 लोगों की जिंदगियां।

नई दिल्ली : रविवार को राजधानी के धौला कुंआ में वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह एक सड़क हादसे का शिकार हुए और उनकी मौत हो गई. हादसे के समय नवजोत सिंह बाइक पर थे उनके साथ उनकी पत्नी भी थी. मिली जानकारी के अनुसार धौला कुआं के पास उनकी बाइक की एक तेज रफ्तार BMW से टक्कर हो गई. जिसके बाद वो बुरी तरह घायल हो गए और उसके बाद कुछ राहगीरों ने हादसे के बाद उन्हें 22 किमी दूर मुखर्जी नगर स्थित NU लाइफ अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, जिस पर परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इस देरी के कारण ही नवजोत की जान चली गई।
मृतक नवजोत सिंह के बेटे नवनूर ने उठाए सवाल : मृतक नवजोत सिंह के बेटे नवनूर सिंह ने भी मामले में अस्पताल पहुंचने के टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मेरे मां-पिताजी को हादसे के बाद 22 किलोमीटर दूर अस्पताल लाया गया. जिस बीएमडब्लू से मेरे पिताजी के बाइक की टक्कर हुई उसकी चालक महिला थी. और वह भी इसी अस्पताल में थी जिसका हमें 5 घंटे बाद पता चला।
बता दें कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई. नवजोत सिंह की बाइक को एक BMW ने टक्कर मारी थी, जब वो अपनी पत्नी के साथ बंगला साहिब गुरुद्वारा से घर वापस जा रहे थे. हादसे में नवजोत सिंह पत्नी भी बुरी तरह घायल हुई है और उनकी हालत बहुत गंभीर बताई जा रही है. हादसा धौला कुआं, पिलर नंबर 57 से राजा गार्डन की ओर जाने वाले रास्ते में हुआ।
हादसे के बाद नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को नजदीक के अस्पताल ले जाने के बजाय 22 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित न्यू-लाईफ अस्पताल ले जाया गया. जिसके बाद अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दुर्घटना में शामिल BMW कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है जबकि चालक हादसे के बाद से फरार है।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते रविवार को दिल्ली पुलिस को दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन से धौला कुआं की तरफ की यह कॉल प्राप्त हुई. जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पाया कि बीएमडब्ल्यू कार और मोटरसाइकिल पिलर नंबर 67 के पास क्षतिग्रस्त स्थिति में थे।
चश्मदीदों ने पुलिस को दी जानकारी :वहीं मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि बीएमडब्ल्यू कार को महिला चला रही थी जिसने मोटरसाइकिल को हिट किया. ड्राइव कर रही महिला अपने पति के साथ घायल को एक टैक्सी में लेकर चली गई. पुलिस ने बीएमडब्ल्यू को कब्जे में ले लिया और मामले की जांच कर रही है।
वहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए हैं और इस तरह के हादसों के बाद इलाज में हुई देरी के लिए बीजेपी और दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि आप सरकार के कार्यकाल में सड़क दुर्घटना में घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराने में सहयोग देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए फरिश्ते योजना शुरू की गई थी।
फरिश्ते योजना का मकसद यह था कि घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जाए ताकि समय से उनका इलाज शुरू किया जा सके, अस्पताल में भर्ती कराने वाले को ईनाम के तौर पर दो हजार रुपये सरकार देती थी. फरिश्ते योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल के इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करती थी.पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना था कि अगर दिल्ली में किसी का एक्सीडेंट हो जाए तो घायलों को कोई अस्पताल नहीं ले जाना चाहता है इसके दो कारण है।
पहला कारण राहगीरों को ये लगता है कि उस पर पुलिस केस हो जाएगा. दूसरा इसलिए कि जिस अस्पताल में लेकर जाएगा उसे अस्पताल वाले कहेंगे पैसे जमा करो, वरना एडमिट नहीं करेंगे. फरिश्ते योजना में पीड़ित को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराने पर उसके ईलाज पर होने वाला खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी. भर्ती कराने वाले से कोई प्रश्न नहीं पूछा जाएगा. आप सरकार का दावा है कि अक्टूबर 2024 तक 26000 लोगों की जिंदगियां इस तरह बचाई गयी है. आप नेता सौरभ भारद्वाज के मुताबिक फिलहाल दिल्ली सरकार ने यह योजना बंद कर दी है जिसकी वजह से घायलों के इलाज में देरी हो रही है और जान तक चली जा रही है।
