गंगा की तेज धारा में नाव पलटी, 30 लोग थे सवार।

खगड़िया : बिहार में बाढ़ के आगमन के साथ ही नाव पलटने औैर लोगों के डूबने की घटना बढ़ गई है. बुधवार को खगड़िया में नाव पलटी है. परबत्ता प्रखंड के कबेला पंचायत के जागृति टोला डुमरिया खुर्द से पश्चिम गंगा की उपाधारा में नाव पलट गई. इस पर सवार दो दर्जन से अधिक पशुपालक और किसान सवार थे. सभी ने तैरकर अपनी जान बचाई है।
चारा लेकर लौट रहे थे किसान: ये सभी किसान और पशुपालक दियारा इलाके से पशुओं का चारा लेकर नाव पर सवार होकर घर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान गंगा की उप धारा में नाव डगमगाकर पलट गई. हालांकि लोगों की चीख-पुकार सुनकार आसपास के लोग पहुंचे और गंगा की उपधारा में घुसकर लोगों को बचाया।
स्थानीय गोताखोरों ने 30 लोगों को नदी की तेज धारा से बाहर निकाला. इनमें रूबी देवी, अवधि मंडल, शंकर मंडल, मनोज मंडल, सरिता देवी, विकेश मंडल, रूबी देवी, गायत्री देवी, मनिता देवी, धर्मेंद्र कुमार, अमरेश कुमार, कुंदन देवी, संजीत मंडल, वेदानन्द मंडल, बुलेट मंडल, अभिषेक मंडल, दीपक मंडल, नवीन मंडल, दीपक मंडल, अरविंद कुमार, मिथिलेश मंडल, रेशम देवी, टिंकू देवी, चांदनी देवी, ब्यूटी कुमारी, गीता देवी, एंजिल मंडल, कारी देवी और मुकेश कुमार शामिल है।
ओवरलोडिंग के कारण हादसा: बताया जाता है कि नाव पर क्षमता से काफी अधिक लोग पशुओं के चारे के साथ सवार थे. जिस वजह से बीच नदी में जाकर नाव डूब गई. नाव पर सवार सरिता देवी के मुताबिक बाढ़ के समय आए दिन नाव डूबने की घटना घटती है।
“हम लोग नाव पर सवार तो हो जाते हैं लेकिन इस बात का डर लगा रहता है कि हम अपने गंतव्य तक जा पाएंगे या नहीं. सुरक्षा के किसी भी पैमाने को नाव संचालक ध्यान नहीं रखते है और न ही प्रशासन इस पर ध्यान देता है.”- सरिता देवी, स्थानीय।
पुल होने के बावजूद नाव से सफर क्यों?: इस बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल केवल शोभा बढ़ाने के लिए बन गया है, क्योंकि पुल तक जाने के लिए रास्ता नहीं बना है. जिस वजह से नाव ही आने-जाने का सहारा है. इन लोगों में सरकार के प्रति भी काफी नाराजगी देखने को मिली।
क्या बोले डीएम?: प्रशासन को भी ग्रामीणों की समस्या और नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की जानकारी है लेकिन इसके बावजूद कोई ठोक कार्रवाई नहीं होती. जिलाधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि शिकायत मिली है. जल्द ही इस दिशा में एक्शन लिया जाएगा।
“नाव पलटने की सूचना मिली है. ओवरलोडिंग को लेकर भी शिकायत मिली है. हमने इससे पहले भी टीम भेजी थी अब लगातार टीम ओवरलोड नाव के परिचालन का निरीक्षण करेगी ताकि कोई भी घटना घटित ना हो.”- अरविंद कुमार, जिलाधिकारी, खगड़िया।
कई लोगों की डूबकर मौत: खगड़िया में बाढ़ का पानी घुसने के बाद डूबकर मरने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. बीते मंगलवार को चौथम में एक ही घर के चार बच्चे के बाढ़ के पानी में डूब गए थे. वहीं अकहा गांव के 40 वर्षीय युवक की भी बाढ़ के पानी में स्नान करने के दौरान डूबने से मौत हो चुकी है।


