
देहरादून : मुस्लिम सेवा संगठन द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक, देहरादून से भेंट कर अवगत कराया गया कि भूपेश जोशी नामक व्यक्ति की 18 मिनट 17 सेकेण्ड की एक विडियो सोशल मिडिया प्लेटफार्मो विशेषकर फेसबुक पर प्रचारित तथा प्रसारित हो रही है जिसमें यह व्यक्ति दो धर्मो के बीच वैमनस्य फैला रहा है।
यह व्यक्ति जनसमूह को मुसलमानों के विरूद्ध युद्ध के लियें प्रेरित कर रहा है, यह व्यक्ति इस विडियों में कहते हुये सुना जा सकता है कि कोई व्यक्ति मुस्लिमों को किराये पर दुकान या मकान ना बेचे अन्यथा उसकी फिटनेस की जायेगी यानि स्वामी की पिटाई की जायेगी, यदि कोई प्रापर्टी डीलर किसी व्यक्ति को सम्पत्ति बेचता है तो उसकी यह अन्तिम डील होगीं।
यह व्यक्ति विडियों के माध्यम से लोगो का डरा धमका रहा है, यह व्यक्ति यही नही रूकता, यह व्यक्ति सीधे पुलिस प्रशासन को धमकी देते हुये कहता है कि शुक्रवार के दिल मुल्ले 3-3 बाईक पर बैठ कर जाते है पर हमारे पुलिस वाले कुछ नही बोलते सफेद टोपी देख कर डरते है।
भूपेश जोशी का यह वक्तव्य कि पुलिस वाले सफेद टोपी देख कर डरते है अनुचित तथा मिथ्या है एवं पुलिस प्रशासन पर बेबुनियाद आरोप है, यह व्यक्ति पुलिस प्रशासन को धमकी देते हुये कहता है कि मंगलवार को हमारे लोग हुनमान चालीसा करने जायेंगे अगर पुलिस वालों ने उन्हे रोका तो ठीक नही होगा जो कि सीधे पुलिस प्रशासन को चुनौती देने वाला है।
यह व्यक्ति जनसमूह से मुस्लिमो के आर्थिक बहिष्कार के लियें उकसा रहा है। जो कि संविधान के विरूद्ध है। यह व्यक्ति मुस्लिम महिलाओं के लियें आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुये जनसमूह से कह रहा है कि हमारे यहाँ आज से अभी से बुर्का प्रतिबन्धित है, यह व्यक्ति मुस्लिम महिलाओ को धमकी देते हुये कह रहा है कि यदि कोई जिहादन बुर्का पहनते हुये दिखाई देगी तो उसकी फिटनेस होगी हमारी महिलाओं के द्वारा।
इस व्यक्ति का यह कथन धर्म विरूद्ध ही नही संविधान के भी विरूद्ध है, भूपेश जोशी के इस कथन से मुस्लिम समाज विशेषकर मुस्लिम महिलाओं में रोष व्यापत है। इस व्यक्ति ने मुस्लिम महिलाओं की पिटाई की धमकी दी है जो नारी अस्मिता को नुकसान पहुंचाने वाली है तथा मुस्लिम महिलाओ की आज़ादी पर हमला है। इसके अतिरिक्त यह व्यक्ति कहता है कि कोई मुल्ला बालावाला में सफेद टोपी पहन कर रोजगार नही कर सकता।
यह व्यक्ति मुस्लिमों को धमकी दे रहा है, व्यक्ति अपनी इच्छा से क्या पहनता है या क्या नही इसकी अनुमति भारत का संविधान देता है तथा इस अधिकार को भारतीय नागरिकों से कोई नही छीन सकता। भूपेश जोशी का यह कथन की काई महिला बुर्का नही पहन सकती, काई मुस्लिम पुरूष सफेद टोपी नही पहन सकता सीधे भारतीय संविधान की अवहेलना है तथ राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।
आप से अनुरोध है कि इस व्यक्ति के विरूद्ध साम्प्रदायिक तनाव भडकाने, गृह युद्ध छेडने का प्रयास करने, पुलिस प्रशासन को धमकी देने, मुस्लिम महिलाओं के मान को ठेस पहुंचाने, धार्मिक आधार पर मारपीट / आगाजनी के लिये जनसमूह को उकसाने, धार्मिक आधार पर भेदभाव करने आदि सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने का कष्ट करें। इस पर वरिष्ठ पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

