बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में 16वीं गिरफ्तारी।

कानपुर : बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में कमिश्नरेट पुलिस ने मर्डर के चार साल 11 महीने बाद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को गिरफ्तार किया है. पुलिस के आला अफसरों का दावा है, कि हत्याकांड में दीनू उपाध्याय के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत मिल गए हैं. इसके साथ ही हत्याकांड में नामजद कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह के खिलाफ भी पुलिस को साक्ष्य मिले हैं. जल्द ही पुलिस अरिदमन सिंह को भी गिरफ्तार कर सकती है।
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के आला अफसरों ने बताया पिंटू सेंगर हत्याकांड में यह 16वीं गिरफ्तारी है. डीसीपी सेंट्रल एसके सिंह की स्वाट टीम ने शुक्रवार देर रात आरोपी अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. शनिवार को आरोपी अधिवक्ता को कोर्ट में पेश किया जाना है।
2020 में हुई थी हत्या: 20 जून 2020 को चकेरी थाना क्षेत्र में पिंटू सेंगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 20 जून को चकेरी थाना क्षेत्र स्थित सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रहे चंद्रेश सिंह के घर के सामने एक जमीन के संबंध में बातचीत करने के लिए दीनू उपाध्याय वहां पहुंचे थे. वहां, जैसे ही पिंटू सेंगर कार से उतरे, तो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थी।
दोपहर करीब 1 बजे हुए इस हत्याकांड में पिंटू सेंगर के भाई चश्मदीद व साक्षी धर्मेंद्र सेंगर ने पप्पू स्मार्ट, सउद अख्तर, महफूज अख्तर, मनोज गुप्ता, दीनू उपाध्याय और अरिदमन सिंह समेत कई अन्य अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध थाना चकेरी में हत्या, हत्या का प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
चर्चा इस बात की भी थी, कि कुछ समय बाद आरोपियों ने अपने प्रभाव से जांच में कुछ नामों को हटवा लिया था. हालांकि जब कमिश्नरेट पुलिस की ओर से गंभीरता से इस मामले की जांच की गई तो अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को साक्ष्यों के आधार पर आरोपी माना गया।

