
देहरादून : अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति कमेटी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में कुसुम नौडियाल की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया। जिसका शीर्षक था मनुवाद हटाओ संविधान बचाओ। सर्वप्रथम गोष्टी में प्रांतीय उपाध्यक्ष इंदु नौडियाल ने महिलाओं को जागरूक करने पर बल दिया और भाजपा की डबल इंजन की सरकार के चलते समाज में बहु बेटियों पर आए दिन लगातार हिंसाएं हो रही हैं जिसकी जिम्मेदार भाजपा की सरकार है उन्हीं की छत्र छाया में अपराधी खुले आम घूम रहे हैं। पर चिंता जताई अंकिता को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है।
एक ओर प्रदेश के मुखिया नारीबंदन सामारोह कर रहे है वहीं दूसरी और उन्हीं के नेताओं द्वारा बच्चियों के साथ आए दिन दुष्कर्म कर रहे हैं। मुख्य वक्ता और संगठन की प्रांतीय महामंत्री दमयंती नेगी ने कहा कि हमें संगठन का व्यापक विस्तार करना होगा। आए दिन महिलाओं पर हिंसाए बढ़ती जा रही हैं इन हिंसाओं को रोकने के लिए हमें महिलाओं के बीच जाकर उन्हें जागरूक करना होगा उनके अधिकारों के बारे में बताना होगा उन्होने कहा कि हमें एक जुट होकर कंट्रोल की दुकान में मिलने वाले सभी 14 आवश्यक वस्तुओं के लिए व्यापक लड़ाई लड़नी होगी जिसमें खाने की वस्तु से लेकर कपड़े , कॉपी किताब और अन्य जरूरत मंद वस्तुएं जो हमारी दिनचर्या का हिस्सा हैं आदि सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाना होगा।
दमयंती नेगी ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि देश को आज़ाद हुए 75 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन महिलाओं की स्थिति जस की तस है। आज महिलाएं कई बड़े पदों पर पहुंच चुकी हैं लेकिन उनका शोषण उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। संविधान में प्रदत्त अधिकार तो हैं लेकिन उन्हें धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है। वो महज फाइल तक ही सिमट कर रह गया है। अब वक्त आ गया कि संविधान में दिए समस्त अधिकार वापस लेना होगा और वर्तमान में मोदी सरकार आज जो संविधान पर हमला करने जा रही है हमें अपने संविधान को बचाने के लिए पुरजोर लड़ाई लड़नी होगी। वर्ना वह दिन दूर नहीं जब महिलाएं फिर गुलामी की तरफ धकेल दी जायेंगी। और महिलाओं व आम जन की सुरक्षा को देखते हुए आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाओं में भाजपा को शिकस्त देने पर जोर दिया गया। इस बीच महिलाओं ने कई समस्याएं रखी जिनका समाधान संगठन मिलकर करेगा।
गोष्ठी का संचालन जिला मंत्री सीमा लिंगवाल ने किया और समापन अध्यक्षता कर रहे कुसुम नौडियाल ने की। गोष्ठी में संगीता नेथानी, सुरेसी नेगी, सीमा अंसारी, दीपा नेगी, शबनम, शकुंबरी रावत, कांति, विंदा मिश्रा, सुशीला बड़ौनी, ममता मौर्य, राजेश्वरी अवस्थी, श्यामा रावत, संगीता पाल, कमला जखमोला, विमला भट्ट, सरिता नेगी गुड्डी, गौरा देवी, शकुंतला रावत सहित कई महिलाओं ने भाग लिया। अंत में औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढ़ता जाएगा, जुल्म करने वाला सीना जोर बनता जाएगा गाने के साथ सभा का समापन किया गया।



