
देहरादून : आज इण्डिया गठबंधन के टिहरी लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी जोतसिंह गुनसोला के समर्थन में डीएलरोड़ स्थित डॉ भीम राव अम्बेडकर धर्म शाला सभागार में कामरेड अनिल गोस्वामी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा है कि भाजपा की तानाशाही एवं कोरपोरटपरस्त नीतियों के खिलाफ एकमात्र विकल्प इण्डिया गठबंधन है जो कि धर्मनिरपेक्ष ,सांप्रदायिक एकता व मुद्दों पर आधारित लोकसभा चुनाव के मैदान मे है और यह 19 अप्रैल 024 को होने जा रहे हैँ ।
वक्ताओं ने कहा है कि 2014 में “अच्छे दिन” के नारे के साथ सत्तासीन हुए,मोदी सरकार देश के लिए चौतरफा तबाही और बर्बादी लेकर आयी है बीते दस सालों में देश में लोकतंत्र, संविधान, मजदूर, किसान, आदिवासी, अल्पसंख्यक, छात्र-युवा, महिला व समाज का हरेक हिस्सा भाजपा के साम्प्रदायिक एवं कारपोरेटपरस्त नीतियों से त्रस्त है । हमारे राज्य भाजपा की डबल इंजन सरकार ने राज्य में जनता को विभाजित करने के लिऐ ऐसे कारनामों को अन्जाम दिये है, जो राज्य के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ वक्ताओं ने कहा केन्द्र एवं राज्य सरकार ने मजदूरों के ट्रेड यूनियन अधिकार खत्म कर, उन्हें बन्धुआ बनाने वाले लेबर कोड लागू कर मजदूरों को बडे़ बड़े उधोगपतियों के रहमोकर्म पर छोड़ दिया है । न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और फसलों के लागत मूल्य जैसी मांगों को लेकर दिल्ली आने की कोशिश करने वाले किसानों की राह में कीलें बिछाई गयी और देश के अन्नदाताओं को खालिस्तानी और आतंकवादी जैसे नफरत भरे नामों से पुकारा गया ।
वक्ताओं नै कहा है कि युवा आबादी कै लिये स्वर्णिम भविष्य का वायदा अन्तत: दिवास्वप्न एवं खोखला साबित हुआ तथा पहले से रोजगार में लगे लाखों लाख लोगों का रोजगार छीनने का कार्य बड़े ही चालाकी से किया गया है । यदि राज्य का युवा रोजगार मांगता है तो उसे भारी दमन का सामना करना पड़ता है । कुल मिलाकर हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वायदा, एक दशक के बाद भी जुमला ही साबित हुआ है । बेतहाशा बढ़ती मंहगाई, नोटबंदी, जीएसटी आदि ने अर्थव्यवस्था की जो कमर तोड़ी दी है ।
वक्ताओं नै कहा है कि देश के शिक्षक-कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार नौकरियां खत्म करने पर उतारू है. यहाँ तक कि अग्निवीर योजना के जरिये सेना की नौकरी को भी अस्थायी कर दिया गया है जिसका सर्वाधिक कुप्रभाव हमारे राज्य के रोजगार पर पड़ा है ।
आशा-आंगनबाड़ी-भोजनमाता आदि योजनकर्मियो व आउटसोर्स में लगी महिलाओं एवं अन्य से काम तो पूरा लिया जाता है, लेकिन ना तो न्यूनतम वेतन ही उन्हें मिलता है और ना ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा ।
वक्ताओं नै कहा है कि अल्पसंख्यकों पर निरंतर हमलों ने बीते एक दशक में देश की पहचान दुनिया में धूमिल की है. भीड़ की हिंसा, नफरत भरे भाषण और घृणा फैलाने वालों का महिमामण्डन व सम्मान, यह बीते एक दशक में आम होता गया ,हमारे राज्य में इन लोगों के खिलाफ सत्ता कै संरक्षण में जो कुछ भी हुआ वह शर्मनाक है ।
महिलाओं के लिए भारत दुनिया का सबसे खतरनाक देश बीते एक दशक में बना. देश के तमाम हिस्सों में महिला हिंसा की घटनाऐं और उनमें सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका आम बात है । भाजपा का बेटी बचाओ का नारा चेतावनी और करुण पुकार में तब्दील हो गया,हमारा राज्य इससे अछूता नहीं है । मणिपुर में जो हुआ, उससे पूरा देश दुनिया के सामने शर्मशार हुआ है ।
वक्ताओं ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद हुए इलेक्टोरल बॉन्ड के खुलासे से पता चल रहा है कि इसे अवैध वसूली का माध्यम भाजपा ने बना दिया । पहले एजेंसियां छापा मारती हैं और फिर कम्पनियां, भाजपा को कई सौ करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड “दान” करती ।
वक्ताओं ने कहा है कि निवर्तमान सरकार की वित्त मंत्री के अर्थशास्त्री पति ही कह रहे हैं कि इलेक्टोरल बॉन्ड देश का ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है ।
उत्तराखंड में तीन मुख्यमंत्री और सात साल का अनुभव बता रहा है कि उत्तराखण्ड में डबल इंजन का मतलब डबल विकास नहीं डबल बर्बादी है।
वक्ताओं ने कहा है कि यूकेएसएससी से लेकर विधानसभा तक युवाओं के रोजगार की लूट डबल इंजन के राज में हुई. तमाम भर्ती घोटालों में जो पकड़े गए, वो सब भाजपा के पदाधिकारी और बड़े नेताओं के करीबी रहे हैं । सिर्फ नौकरियों की लूट में ही नहीं, जीवन की लूट में भी भाजपा के डबल इन्जन के कलपुर्जे शामिल रहे ,अंकिता भण्डारी हत्याकांड इस बात का उदाहरण है, जिसमें अब तक पकड़े गए मुख्य आरोपी का परिवार भाजपा में प्रभावशाली रहा है ।इस काण्ड संलिप्त पकड़ से बाहर जो कथित वीआईपी है, उसका बचाव जिस तरह से किए जा रहा है तो संदेह की सुई, सत्तापक्ष की तरफ ही घूमती है ।_
वक्ताओं ने कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट है और अधिकांश सरकारी अस्पताल रेफरल सेंटर बने हुए हैं । नीजि अस्पताल लूट के अड्डे बने हुये हैं । सरकार के मंत्री फ़िनलैंड घूम रहे हैं और प्रदेश में सरकारी स्कूलों पर निरंतर ताला लग रहा है. आवारा पशुओं और जंगली जानवरों का आतंक अब सिर्फ पहाड़ के गांवों तक सीमित नहीं है बल्कि यह शहरों में भी फैल रहा है ।शहरों की स्थिति दिनों दिन नारकिय हो रही है ,स्मार्ट सिटी आदि सैकड़ों परियोजनाऐं लूटखसोट का अड्डा बन गई है । यह बताना काफी
है कि राज्य के संसाधनों पर बडी तेजी से गुजराती ,हरियाणावी कम्पनियों व बड़े कारपोरेट का कब जमकर लूटखसोट कि जा रही है । परिवहन क्षेत्र में स्थानीय लोगों को बेदखल कर इस पर इन कम्पनियों द्वारा कब्जा करने कि साजिश जारी है ,मलिन एवं कच्ची बस्तियों का नियमतिकरण एक जुमला साबित हो रहा है ,पहाड़ हो या मैदानी जिले हरेक जगह गरीबों की बेदखली जारी है ।
वक्ताओं ने कहा है कि बुलडोजर उत्पीड़न भाजपा सरकार की पहचान बन गयी है. अल्पसंख्यकों के विरुद्ध बुलडोजर चलाने का अभियान शुरू होता है और धीरे-धीरे बढ़ता हुआ यह गरीबों की रिहाइश और कारोबार को अपनी चपेट में ले लेता है. सबके सिर पर छत भले ही भाजपा सरकार न उपलब्ध करा पायी हो, लेकिन वनों, खत्तों से लेकर शहरों में नजूल की जमीन पर बसने वालों तक को उजाड़ने के लिए भाजपा हर वक्त मुस्तैद है !
वक्तताओं नै कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में डबल इंजन ने उत्तराखंड को हिंसा और घृणा की डबल डोज़ दी है । सत्ता संरक्षण में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसा और घृणा फैलाना आम बात हो गयी है.इसी तरह दलितों के उत्पीड़न की घटनाएं भी प्रदेश में लगातार बढ़ी हैं. यह सीधे तौर पर धर्म की राजनीति के बढ़ने की वजह से है । इस अवसर पर तय किया गया कि क्ष्रेत्र में इंडिया गठबंधन के कांग्रेस के प्रत्याशीयो को विजयी बनाने के लिए कार्य करेंगे ।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता पूर्व केबिनेट मंत्री व इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट , सी.पी.एम. के जिला सचिव राजेन्द्र पुरोहित , कांग्रेस की नेत्री सुनीता प्रकाश ,अनन्त आकाश , सचिव मंडल सदस्य व सीटू के प्रांतीय सचिब व डीएवी के पूर्व छात्र संघअध्यक्ष लेखराज , डीएवी के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष अभिषेक भंडारी , कांग्रेस के प्रवक्ता अखिल भारतीय अम्बेडकर युवक संघ के अध्यक्ष बंटी कुमार सूर्यवंशी , महामन्त्री अशोक कुमार , विनय शील द्वेवेदी , मनोज कुमार , नितिन, अशोक सिंह (निशी) , पंकज कुमार , लोकेश देवीव , मीना देवी , निर्मला देवी आदि बडी संख्या में महिला पुरुष उपस्तिथ थे।

