भोजनमाता कामगार यूनियन का मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन।

देहरादून : सीटू से सम्बद्ध उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून के कार्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजा ।

यूनियन की महामन्त्री मोनिका ने कहा कि भोजनमाताऐ समाज मे सबसे कम मानदेय पर काम करती है उन्हें 3000रु ही दिया जाता है वो भी ग्यारह माह का मानदेय दिया जाता है ।जिससे उनके व उनके परिवार का गुजारा नही हो पाता है और इस पर भी उन्हें निकलने का शासनादेश जारी कर दिया गया है जिससे उनके सामने ओर भी आर्थिक संकट गहरा हो जाएगा ।
सीटू के जिलामहामंत्री लेखराज ने कहा कि वर्तमान में केंद्र की मोदी व प्रदेश की धामी सरकार द्वारा सभी वर्करों के खिलाफ हमला बोल दिया है इन सरकारों के द्वारा वर्करों को न्यूनतम वेतन तक नही दिया जा रहा है वही वर्करों से उनका जो कुछ भी रोजगार था उसे छीन कर बड़े पुंजिपतियो के सुपुर्द किया जा रहा है उन्होंने कहा कि इससे इन सरकारों का मजदूर विरोधी चेहरा सामने आ गया है जिसका उनका संगठन सरकार का पुरजोर विरोध करता है और आने वाले समय मे मजदूर वर्ग इन्हें सत्ता से बेदखल कर देगा ।
सीटू के कोषाध्यक्ष रविन्द्र नौढियाल मोनिका ,कमला गुरुंग , मीना नेगी , इंदु , रोशनी , चारु , शुशीला ,आरती , रजनी रावत , भावना , अमरप्रीत कौर , बिमला, नीलम, बीना, शुशीला रावत , रिजबाल बानो , रानी , रेखा , चंद्रा वती , सरिता , सोनाली , बसन्ती आदि भोजनमाताऐ उपस्तिथ थी ।
इससे पूर्व भोजनमाताऐ मयूर विहार स्तिथ मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर एकत्रित हुए और नारेबाजी कर जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री , शिक्षा मंत्री , सचिव विद्यालयी शिक्षा , निदेशक विद्यालयी शिक्षा को ज्ञापन भेजे ।
इस अवसर पर मोनिका ने बताया कि यदि उनकी मांगे नही मानी जाती है तो वे दिनांक 26 फरवरी 2024 को विधानसभा पर प्रदर्शन करेंगी और जारी विवादित शाशनदेश को वापस लेने की मांग करेंगे व इसके साथ न्यूनतम वेतन 26000 रु , ग्रेजुएटी , ससमजिक सुरक्षा , सहित मानदेय बढ़ाने आदि मांगे रखी । इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उनका ज्ञापन लिया गया और आश्वाशन दिया कि वे उनका मांगपत्र सम्बंधित को भेज देंगे ।



