
देहरादून : आज विभिन्न जनसंगठनों तथा राजनैतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बस्तियों के हित में राज्य सरकार के 018 कानून के बावजूद भी पुलिस के बल पर काठबंगला तरला नागल की बस्तियों को जबरन खाली करवाने की कड़े शब्दों में निन्दा की है तथा कहा है कि सरकार एनजीटी के फैसले की आढ़ में गरीबों को उजाड़ने का कार्य कर रही है तथा बडे लोगों के कब्जों को बचाने का कार्य कर रही है ।
भारतीय जनता पार्टी के लोग पहले गरीबों से वोट मांगते हैं फिर उजाड़ने का कार्य करते हैं,क्षेत्र ीय विधायक बस्तियों को रक्षा करने के बजाय बस्तियों के खिलाफ खड़े है, क्योंकि इनके जगह जगह अवैध कब्जे हैं, जिसका कड़ा विरोध किया जायेगा ।बैठक में सीपीएम सचिव अनन्त आकाश ,सीआईटीयू महामंत्री लेखराज अध्यक्ष किशन गुनियाल ,आयूपी अध्यक्ष नवनीत गुंसाई ,चेतना आन्दोलन के शंकर गोपाल ,राजेन्द्र शाह ,बस्ती बचाओ अभियान के नरेन्द्र सिंह ,राजेन्द्र शर्मा ,भीम आर्मी के आजम खान ,नेताजी संघर्ष समिति के प्रभात डण्डरियाल , किशन गुनियल ,एस एस एस नेगी हरीशकुमार ,रामसिंह भण्डारी ,रधुबीरसिंह ,सोनू ,डिम्पल ,रेणु ,ममता ,सुनीता ,कुसुम ,जतिनी ,सुनैना ,मनीषा ,मंजू ,रीना ,पिंकी ,प्रेंमफूल ,संगीता, सोनी ,विनोद,हरिओम ,सोनू के अलावा सपा ,महिला समिति ,एस एफआई,उत्तरा खण्ड आन्दोलनकारी परिषद के लोग उपस्थित थे।

