निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक, लगेगा 5 लाख तक जुर्माना।

चंडीगढ़ : पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक में आज जनता, शिक्षा और उद्योग जगत से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है. बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि पंजाब सरकार गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा की जाने वाली बेतहाशा फीस बढ़ोतरी को रोकने के लिए एक नया अध्यादेश ला रही है. नए कानून के तहत कोई भी स्कूल सालाना फीस या अन्य फंड में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने साफ किया कि अगर कोई स्कूल 5 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे 6 महीने पहले एक विशेष सरकारी समिति के पास आवेदन करना होगा. इस जांच समिति को ‘सिविल कोर्ट’ (दीवानी अदालत) जैसी शक्तियां दी जाएंगी और सभी स्कूलों का पुराना रिकॉर्ड सुरक्षित किया जाएगा ताकि कोई हेरफेर न हो सके।
इसके अलावा, यदि किसी स्कूल ने पिछले 36 महीनों में लगातार 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, तो उसकी जांच होगी और वसूली गई अनुचित रकम अभिभावकों को वापस लौटानी हो।
लापरवाही पर भारी जुर्माना, रजिस्ट्रेशन रद्द करने की चेतावनी।
प्राइमरी स्कूल: नियमों के उल्लंघन पर 50,000 रुपये का जुर्माना।
सेकेंडरी स्कूल: नियमों के उल्लंघन पर 2 लाख रुपये का जुर्माना।
गंभीर मामले: 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और बात न मानने पर स्कूल का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
कैबिनेट ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 13 नवंबर, 2019 के दिशानिर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी है. इसके तहत पूंजीगत सब्सिडी और निवेश प्रोत्साहन के वितरण की प्रक्रिया को सरल और सुव्यवस्थित बनाया गया है. अब जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित शर्तों को पूरा करने के बाद पात्र औद्योगिक इकाइयों को आसानी से सब्सिडी जारी की जा सकेगी, जिससे प्रशासनिक कुशलता बढ़ेगी।
सरकारी कामकाज को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए पंजाब में ‘स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म’ (SDIP) लागू करने पर सहमति बनी है. इसके जरिए विभिन्न विभागों के डेटाबेस को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे एक ही काम के दोहराव से बचा जा सकेगा. इस प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से चलाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक तीन-स्तरीय संचालन समिति बनाई जाएग।



