कोचिंग सेन्टर में लगी भीषण आग, 18 की मौत और 8 घायल।

लखनऊ : राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि जान बचाने के लिए कई छात्रों को ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा। सात से आठ लोगों के घायल होने और 18 छात्रों की मौत होने की सूचना है।घटना स्थल पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी पहुंच गए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, एसीएस होम संजय प्रसाद डीजीपी राजीव कृष्णा के अलावा डीएम और दूसरे पुलिस अधिकारी मौके पर बचाव और राहत कार्य में जुटे हैं। पीछे की दीवार तोड़कर छात्रों को निकाला गया।
अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तय कार्यक्रमों को बीच में छोड़कर अलीगढ़ से तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
घटना अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय अचानक इमारत से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ितों को आर्थिक राहत देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। दमकलकर्मी इमारत में फंसे लोगों की तलाश के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। प्रशासन और फायर विभाग की टीमें मामले की जांच कर रही हैं।
आग लगते ही कोचिंग सेंटर में मौजूद छात्रों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनी से बाहर निकलने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग करते हुए छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि घटना के वक्त कई बच्चे कोचिंग सेंटर के अंदर थे। आग लगी तो बच्चे नीचे कूदने लगे। घटना से जुड़े कई फोटो और वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। मौके पर डीएम विशाख, एडीसीपी उत्तरी ट्विंकल जैन समेत कई अधिकारी पहुंच चुके हैं।
दमकल की करीब एक दर्जन गाड़ियां और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से कर्मचारी बचाव कार्य में जुटे हैं। घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं अभी तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को खाली करा लिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए यातायात को भी पुलिस ने डायवर्ट किया है। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। बड़ी संख्या में पुलिस-प्रशासन और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं।



