
देहरादून : दीपनगर क्षेत्र में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर नगर निगम कर्मचारियों द्वारा हथौड़ा चलाए जाने का मामला सामने आने के बाद बहुजन समाज पार्टी में आक्रोश है, जिला अध्यक्ष के पी सिंह ने बताया है कि नगर निगम की टीम कथित तौर पर अचानक अतिक्रमण हटाने या स्थान परिवर्तन की कार्रवाई के तहत पहुंची थी, प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया में हथौड़े का इस्तेमाल किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष के पी सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम के साथ घटना स्तर पर पहुंच कर देहरादून के मेयर से वार्तालाप कर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को उसी जगह स्थापित करने व इस प्रकरण में दोषियों के खलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उठ रहे सवाल?……
क्या प्रतिमा हटाने से पहले प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था और विधिवत सूचना दी थी?
क्या इस तरह की कार्रवाई के लिए कोई मानक प्रक्रिया (SOP) निर्धारित है?
यदि कार्रवाई जरूरी थी, तो क्या सम्मानजनक तरीके से नहीं की जा सकती थी?
प्रशासन की जिम्मेदारी?…
यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा है।
यदि कार्रवाई नियमों के तहत थी, तो पारदर्शिता से तथ्य सामने लाए जाएं।
यदि लापरवाही या असंवेदनशीलता हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
सामाजिक संतुलन की जरूरत
उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय राज्य में इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि:
प्रशासन तत्काल स्पष्टीकरण दे…
सभी पक्ष संयम बरतें
संविधान और महापुरुषों के सम्मान की परंपरा कायम रखी जाए, यह केवल एक प्रतिमा का सवाल नहीं, बल्कि उस विचारधारा और संवैधानिक मूल्यों का सवाल है, जिन पर देश खड़ा है।



