
देहरादून : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत परिवहन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा आरटीओ (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून के तत्वावधान में लैंसडाउन चौक स्थित दून लाइब्रेरी में एक सड़क सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी का उद्देश्य वाहन स्वामियों, विशेषकर भारी वाहनों के स्वामियों, के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता, जागरूकता तथा वाहनों में सुरक्षा तकनीकी उन्नयन से संबंधित विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित करना था। यह आयोजन डॉ. अनीता चमोला (संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड श्री राजीव कुमार मेहरा उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“वाहन चालक एवं परिचालक परिवहन विभाग की रीढ़ हैं। उनका सम्मान, उनकी सुरक्षा तथा उनके साथ निरंतर संवाद बनाए रखना परिवहन विभाग एवं वाहन स्वामियों की साझा जिम्मेदारी है।”
उन्होंने देहरादून के परिवहन व्यवसायियों द्वारा विभागीय कार्यक्रमों एवं जनहित प्रयासों में दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए कहा—
“परिवहन व्यवसायी सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में एक महत्वपूर्ण भागीदार हैं। नियमों का पालन और सुरक्षित संचालन ही दुर्घटनाओं में कमी का प्रभावी माध्यम है।”
इस अवसर पर RTO (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला ने कहा—
“सड़क सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का दायित्व है। तकनीकी सुधार, फिटनेस, ओवरलोडिंग नियंत्रण, सीट बेल्ट/हेलमेट अनुपालन तथा चालक प्रशिक्षण पर निरंतर कार्य करना आवश्यक है।”
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि निकट भविष्य में चालकों हेतु एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा—
“विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रविष्टियों के आधार पर उत्कृष्ट एवं अनुशासित चालकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा, ताकि सड़क सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।”
गोष्ठी में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्री पंकज श्रीवास्तव, परिवहन कर अधिकारी सुश्री अनुराधा पंत, सुश्री प्रज्ञा पंत, श्री महिपाल दत्त पपनोई (परिवहन उप निरीक्षक), सहायक परिवहन निरीक्षक सहित देहरादून प्रवर्तन टीम के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिवहन व्यवसायियों के उत्साहवर्धन हेतु उन्हें सड़क सुरक्षा कैलेंडर, ग्रूमिंग किट, जल बोतल तथा सड़क सुरक्षा स्लोगन युक्त सामग्री वितरित की गई। परिवहन विभाग द्वारा सभी वाहन स्वामियों से अपील की गई कि वे अपने वाहनों में सुरक्षा तकनीकी उन्नयन, मानक अनुरूप फिटनेस, ओवरलोडिंग की रोकथाम तथा चालकों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।

