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मेरठ सोनू कश्यप हत्याकांड, 63 लोगों के खिलाफ FIR, क्राइम ब्रांच को सौंपी गयीं जांच।

मेरठ : ज्वालागढ़ के चर्चित सोनू हत्याकांड मामले के लेकर मेरठ कमिश्नरी पार्क में कश्यप समाज ने प्रदर्शन किया गया. इस दौरान जलाकर मारे गए युवक सोनू की बहन आरती कश्यप ने भी पुलिस को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि अभी हत्यारे फरार हैं, न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगी।

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया सोनू कश्यप की हत्या के मामले की जांच एसपी देहात कर रहे हैं. परिवार की कई मांगें हैं, उन्हें शासन को भेजा गया है. राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गयी है।

6 जनवरी को जला हुआ शव मिला था: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ में 6 जनवरी को सोनू कश्यप की हत्या हुई थी. उसका जला हुआ शव मिला था. पुलिस ने इस मामले में नाबालिग ऑटो चालक को पकड़ कर जेल भेज दिया था. परिजनों का आरोप है कि वारदात के दौरान की सीसीटीवी फुटेज में मौके पर कई युवक दिखाई दे रहे थे. पुलिस ने सिर्फ एक नाबालिग को जेल क्यों भेजा. बाकी हत्यारे अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।

पुलिस को 15 दिन का समय दिया: शुक्रवार को सोनू कश्यप की बहन आरती कश्यप मुजफ्फरनगर जिले से मेरठ कमिश्नरी पहुंची. उन्होंने कहा कि प्रशासन 10 दिन का समय मांग रहा था और उन्होंने 15 दिन का समय दिया है. लेकिन अगर 15 दिन के अंदर उनके भाई के हत्यारे नहीं पकड़े गए, तो वह जान दे देंगी. प्रशासन ने कपसद गांव के अलावा ज्वालागढ़ गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

क्राइम ब्रांच को सौंपी गयीं जांच: दिव्यांग एवं सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप शुक्रवार को मेरठ के सर्किट हाउस पहुंचे और उन्होंने सोनू कश्यप प्रकरण को लेकर जिले के डीएम और एसएसपी से बातचीत की. राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वह दो दिन पहले सोनू कश्यप की मां, बहन समेत परिवार के सदस्यों से मिले थे. परिवार की आर्थिक हालत काफी कमजोर है. उन्होंने एक लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी थी।

परिवार की आर्थिक मदद की जरूरत: राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि मुजफ्फरनगर जिले के डीएम को उन्होंने निर्देश दिए थे कि परिवार गरीब है. इसकी जानकारी शासन को दी जानी चाहिए. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. वह लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और परिवार की आर्थिक मदद को लेकर बात करेंगे. सरकार के मंत्री भी पीड़ित परिवारों के साथ हैं. वो सीएम योगी को निजी रिपोर्ट भी देंगे।

सर्वजन लोक शक्ति पार्टी ने सौंपा ज्ञापन: मेरठ कमिश्नरी मुख्यालय को छावनी में तब्दील किया गया था. आरएएफ और PAC को भी तैनात किया गया है. शुक्रवार को बड़ी संख्या में कश्यप समाज के लोग वहां पहुंचे. इस दौरान सर्वजन लोक शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमपाल कश्यप भी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने पुलिस और प्रशासन से परिवार को इंसाफ देने की मांग की।

जांच सीबीआई से कराने की मांग: ओमपाल कश्यप ने कहा कि अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा गया है. इसमें सभी हत्यारे जेल भेजने, मामले की जांच सीबीआई से कराने, परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के अलावा एक भूमि का पट्टा देने की मांग सरकार से की गयी है. पुलिस तय अवधि में मांगें पूरी नहीं करती, तो मुजफ्फरनगर में कश्यप समाज सड़कों पर उतरेगा. वहां बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

63 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई: मेरठ में गुरुवार रात को पुलिस ने सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में हंगामा करने के मामले तीन नामजद समेत कुल 63 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया. सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि गांव में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद वहां सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश हुई।

पुलिस से धक्का-मुक्की और अभद्रता की: मौसी के घर के पास पुलिस से सरधना थाने में तैनात दरोगा नितिन सारस्वत ने एफआईआर दर्ज कराई है. एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस से धक्का-मुक्की भी की गई थी. ज्वालागढ़ में सोनी के रिश्तेदार रहते हैं, जबकि सोनू मुजफ्फर नगर का रहने वाला था. मंगलवार को सौनू की मौसी मदनमती के घर पर भीड़ जुटी थी।

कपसाढ़ और ज्वालागढ़ में पुलिस बल तैनात: उनके रिश्तेदार इंद्रपाल, उनका बेटा अंकित और गुड्डू समेत 60 अज्ञात लोग भाषणबाजी और शोर-शराबा कर रहे थे. सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि गांव में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद वहां सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश हुई. पुलिस से अभद्रता भी की गई थी. इस वजह से मुकदमा दर्ज किया गया है. मेरठ के कपसाढ़ और ज्वालागढ़ में पुलिस बल तैनात है।

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