
टिहरी : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मनरेगा को बदलते हुए 18 दिसंबर 2025 को वीबी-जी राम जी विधेयक लोकसभा से पारित करवाया था. 19 दिसंबर 2025 को ये विधेयक राज्यसभा से भी पास हो गया था. उसके बाद 21 दिसंबर, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद ये कानून बन गया. वीबी जी राम जी योजना अब मनरेगा की जगह ग्रामीण परिवारों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी देता है. लेकिन उत्तराखंड में इस रोजगार गारंटी योजना को लेकर श्रमिकों और ग्राम प्रधानों की कुछ शिकायतें भी आ रही है।
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में वीबी-जी राम जी योजना (VB-G Ram Ji) जो पहले मनरेगा के नाम पर से चलती थी, पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस योजना में कम मजदूरी, नेटवर्क फेल्योर और भुगतान देरी से लोग परेशान हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट नेटवर्क के चलते ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही, जिससे श्रमिकों की मजदूरी समय पर नहीं मिल रही है. कई स्थानों पर श्रमिक पूरा दिन काम करने के बावजूद भुगतान से वंचित रह जाते है।
मनरेगा से वीबी-जी राम जी हुआ नाम, नहीं बढ़े दाम: दूसरी ओर जिन गांवों में मनरेगा के तहत विकास कार्य हुए हैं, वहां मटेरियल (सामग्री) भुगतान वर्षों से लंबित है. सीमेंट, सरिया और अन्य सामग्री के पैसे न मिलने से ग्राम प्रधानों को अपनी जेब से दुकानदारों का भुगतान करना पड़ रहा है. कई बार ब्याज भी देना पड़ता है. इससे प्रधान आर्थिक दबाव में हैं. साथ ही नए कार्य शुरू करने से भी हिचक रहे है।
वीबी-जी राम जी योजना के श्रमिकों ने बताई अपनी समस्याएं: वहीं श्रमिकों का कहना है कि बाहर काम करने पर मजदूरी अधिक मिलती है. जबकि वीबी-जी राम जी योजना में कम पारिश्रमिक और भुगतान में देरी से उनका रुझान घट रहा है. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से नेटवर्क समस्या के समाधान और लंबित मटेरियल भुगतान शीघ्र कराने की मांग की है, ताकि मनरेगा वास्तव में रोजगार का साधन बन सके।
नेटवर्क भी बना बड़ी बाधा: टिहरी गढ़वाल जिले के सेमल्थ गांव निवासी ने बताया कि हमारे गांव में नेटवर्क की सबसे बड़ी समस्या है. वीबी-जी राम जी योजना (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)) के जो कार्य होने हैं, वो सब ऑनलाइन होने हैं. लेकिन नेटवर्क उपलब्ध न होने के कारण श्रमिकों को जॉब कार्ड सत्यापन के लिए भी गांव से दूर जंगलों में जाना पड़ता है, जहां पर नेटवर्क कनेक्टिविटी मिल पाए।
क्या है वीबी-जी राम जी योजना: केंद्र सरकार ने कांग्रेस के समय की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा योजना को बदलकर नई योजना ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी बिल 2025 रख दिया है।
मनरेगा में ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी. मोदी सरकार द्वारा बनाए नए कानून में इसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है. खास बात ये है कि इसमें खेती के सीजन में काम बंद रखने जैसा बड़ा बदलाव शामिल है. क्योंकि खेती के समय अधिकतर किसान और उनके परिजन खेती के काम में लगे रहते है।

