
देहरादून : कुमाऊंनी महिलाओं एवं देवी-देवताओं के अपमान के आरोप में जेल में बंद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
शुक्रवार को ज्योति अधिकारी के वकील द्वारा निचली अदालत में दाखिल की गई जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद परिजनों ने अब हाईकोर्ट का रुख करने की बात कही है।
इस बीच जेल से जुड़ी जानकारी सामने आई है कि जब ज्योति अधिकारी से मिलने उनके कुछ प्रशंसक जेल पहुंचे तो वे उनसे मिलते ही फूट-फूट कर रोने लगीं। प्रशंसकों का कहना है कि ज्योति मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।
वहीं दूसरी ओर, हल्द्वानी के मुखानी थाने में दर्ज मुकदमे के बाद रुड़की, अल्मोड़ा, रुद्रपुर सहित कई अन्य स्थानों पर भी महिलाओं द्वारा ज्योति अधिकारी के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, जिससे उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
ज्योति अधिकारी के समर्थकों का कहना है कि उनके बयानों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उनका दावा है कि ज्योति का उद्देश्य न तो महिलाओं को बदनाम करना था और न ही देवी-देवताओं का अपमान। समर्थकों के अनुसार, ज्योति ने केवल यह तर्क रखा था कि किस प्रकार बड़े शहरों में कुछ लोग नकली देवता बनकर लोगों को गुमराह करते हैं और मेले-महोत्सवों में जाने का समय मिलता है, लेकिन बहन-बेटियों के अधिकारों की लड़ाई में खड़े होने का नहीं।
वहीं कुछ लोग इस पूरे मामले को सत्ता और प्रशासन की बदले की भावना से जोड़कर देख रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल ज्योति अधिकारी न्यायिक हिरासत में हैं और अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है।

